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जालंधर में फूटा किसानों का गुस्सा, DC दफ्तर के बाहर सरकार का पुतला फूंका; दी बड़ी चेतावनी

जालंधर: जालंधर में आज उस समय माहौल गरमा गया जब किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के बैनर तले सैकड़ों किसान और मजदूर सड़कों पर उतर आए। पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त (डीसी) दफ्तर के बाहर दोनों सरकारों के पुतले फूंके। यह उग्र प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों और हाल ही में बिजली कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। किसान नेताओं ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर जनविरोधी फैसले वापस नहीं लिए गए, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

आम जनता का जीना हुआ मुहाल, रसोई गैस के दामों ने बिगाड़ा बजट

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीकेयू (दोआबा) जिला जालंधर के सचिव तरसेम सिंह ढिल्लों ने सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश और राज्य में महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। उन्होंने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में एक साधारण परिवार का गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। विशेष रूप से रसोई गैस (एलपीजी सिलेंडर) के दामों में हो रही लगातार बढ़ोतरी ने हर घर के बजट को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है।

सिर्फ किसान नहीं, हर वर्ग इस संकट की चपेट में

किसान नेता ढिल्लों ने साफ किया कि यह लड़ाई सिर्फ किसानों या मजदूरों की नहीं है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति की है जो इस महंगाई की मार झेल रहा है। उन्होंने कहा कि आज छोटा दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले, दिहाड़ीदार मजदूर और मध्यम वर्ग के लोग सबसे ज्यादा त्रस्त हैं। बिजली कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए किसान संगठनों ने कहा कि हक मांगने वालों पर लाठियां बरसाना सरकार की तानाशाही को दर्शाता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Farmers’ anger erupts in Jalandhar; effigy of the government burned outside the DC office