मोहाली: मोहाली में स्थित विशेष एनआईए (NIA) कोर्ट ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने खूंखार आतंकी संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (AGH) से जुड़े तीन कश्मीरी छात्रों को 10-10 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वाले इन दोषियों में मारा जा चुका खूंखार आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई भी शामिल है। वहीं, इस पूरे मामले में सह-आरोपी रहे सुहैल अहमद भट को अदालत पहले ही दोषमुक्त करते हुए बरी कर चुकी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी, 8 साल बाद आया फैसला
एनआईए कोर्ट ने कश्मीर के रहने वाले जाहिद गुलजार, यासिर रफीक भट और मोहम्मद इदरीस शाह को बीते 1 जून को ही देश के खिलाफ साजिश रचने, यूएपीए (UAPA), आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत दोषी करार दे दिया था। आज इन तीनों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां जज ने इन्हें 10 साल की सजा का फरमान सुनाया। मोहाली की विशेष अदालत में यह कानूनी लड़ाई करीब 8 साल तक चली, जिस दौरान आरोपियों की 206 से अधिक बार कोर्ट में पेशी हुई।
जालंधर के नामचीन कॉलेज हॉस्टल में रची जा रही थी खूनी साजिश
यह पूरा मामला साल 2018 का है, जब पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों को एक पुख्ता इनपुट मिला था कि जालंधर के शाहपुर स्थित ‘सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी’ कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ कश्मीरी छात्र हॉस्टल के भीतर रहकर बड़ी आतंकी साजिश रच रहे हैं। सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने 10 अक्टूबर 2018 को कॉलेज हॉस्टल के कमरा नंबर 94 में अचानक तबाड़तोड़ छापेमारी की और वहां से तीन छात्रों को रंगे हाथों दबोच लिया। जांच में यह भी सामने आया था कि इन आतंकियों का चंडीगढ़ और मोहाली के इलाकों में लगातार आना-जाना बना हुआ था।
AK-47 राइफल और भारी मात्रा में बारूद हुआ था बरामद
गिरफ्तार किए गए छात्रों की पहचान जाहिद गुलजार (निवासी अवंतीपोरा), यासिर रफीक भट (निवासी त्राल) और मोहम्मद इदरीस शाह (निवासी पुलवामा) के रूप में हुई थी। इनमें से यासिर रफीक भट घाटी के कुख्यात आतंकी जाकिर मूसा का सगा चचेरा भाई निकला। गिरफ्तारी के वक्त हॉस्टल के उस कमरे से सुरक्षा बलों को एक चालू हालत में AK-47 राइफल, एक .30 बोर की माउजर पिस्टल, भारी तादाद में जिंदा कारतूस और करीब एक किलोग्राम घातक विस्फोटक पाउडर (अमोनियम नाइट्रेट मिश्रण) बरामद हुआ था। इस बड़ी बरामदगी से पंजाब और कश्मीर में तबाही मचाने का एक बड़ा मंसूबा नाकाम हो गया था।

NIA Court Sentences Three Kashmiri Students—Including Zakir Musa’s Brother








