लुधियाना: लुधियाना में सीवरेज व्यवस्था की बदहाली को लेकर स्थानीय डेयरी संचालकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। नगर निगम और जिला प्रशासन के रवैये से नाराज डेयरी एसोसिएशन ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए प्रशासन को खुला अल्टीमेटम दे दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर तुरंत गौर नहीं किया गया, तो आने वाले सोमवार को हंबड़ा रोड पर मुकम्मल चक्का जाम किया जाएगा। इस अनोखे और उग्र प्रदर्शन के तहत डेयरी संचालक अपने साथ भारी तादाद में गाय और भैंसों को लेकर डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय का घेराव करने पहुंचेंगे, जिसके बाद नगर निगम के जोन-डी दफ्तर के बाहर भी अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
सीवरेज सिस्टम फेल, गंदे पानी में खड़े रहने को मजबूर बेजुबान पशु
डेयरी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि डेयरी परिसरों और उसके आसपास का सीवरेज सिस्टम पूरी तरह से चरमरा कर फेल हो चुका है। इलाके की गलियों, सड़कों और मोहल्लों में हर तरफ सीवरेज का बदबूदार गंदा पानी जमा है। इस नारकीय स्थिति के कारण न केवल स्थानीय लोग परेशान हैं, बल्कि बेजुबान पशुओं का जीना भी दूभर हो गया है। कई बार तो दुधारू पशुओं को घंटों तक इसी गंदे पानी के बीच खड़े रहने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे उनके बीमार होने और दूध उत्पादन घटने का खतरा लगातार बना हुआ है।
21 दिन पहले निगम दफ्तर के बाहर फेंका था गोबर, नहीं जागा प्रशासन
डेयरी एसोसिएशन के प्रधान कुलदीप सिंह लाहोरिया ने बताया कि यह विवाद काफी पुराना है। महज 21 दिन पहले भी अपनी मांगों को लेकर डेयरी संचालक गोबर से भरी ट्रालियां ट्रैक्टरों में लादकर नगर निगम के जोन-डी कार्यालय पहुंचे थे। उस वक्त रोष इतना ज्यादा था कि स्थानीय पार्षदों ने खुद दफ्तर के बाहर गोबर फेंककर पंजाब सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। उस समय निगम अधिकारियों ने जल्द ही सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने का पुख्ता आश्वासन दिया था। इसके बाद सरकार व उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें भी हुईं, लेकिन नतीजा सिफर रहा और आज भी जमीनी हालात जस के तस बने हुए हैं।
गोबर निपटारे का इंतजाम नहीं, उल्टा डेयरी मालिकों पर दर्ज हो रहे केस
एसोसिएशन के प्रधान लाहोरिया ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने आज तक डेयरियों से निकलने वाले गोबर के वैज्ञानिक निपटारे (Disposal) के लिए कोई ठोस नीति या व्यवस्था नहीं बनाई है। हद तो तब हो गई जब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे डेयरी मालिकों की मदद करने के बजाय अब उनके खिलाफ ही पुलिस केस दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा, रोजाना पशुओं को नहलाने के बाद निकलने वाले भारी मात्रा में गंदे पानी की निकासी के लिए भी ड्रेनेज की कोई वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है, जिससे पूरा संकट और गहरा गया है।
सोमवार को थमेंगे हंबड़ा रोड के पहिये
एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि बातचीत का समय अब खत्म हो चुका है। यदि सोमवार सुबह तक प्रशासन ने सीवरेज की सफाई और गोबर निपटारे को लेकर कोई ठोस लिखित योजना सामने नहीं रखी, तो हंबड़ा रोड को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके बाद सैकड़ों पशुओं के साथ डीसी दफ्तर के बाहर सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लुधियाना नगर निगम और जिला प्रशासन की होगी।

Dairy Operators to Gherao DC Office with Cattle; Major Warning of a Road Blockade on Monday








