नई दिल्ली: अमेरिका की तमाम धमकियों और सख्त नाकेबंदी का चीन पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी खबर सामने आई है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और चोकपॉइंट पर भारी ब्लॉक के बावजूद एक चीनी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर गया है। इस घटना ने भू-राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि अमेरिका ने विशेष रूप से इस जहाज को ब्लैकलिस्ट कर रखा था। हालांकि, अभी तक इस मामले में अमेरिका प्रशासन या संबंधित जहाज कंपनी की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ईरान के साथ संबंध रखने पर अमेरिका ने लगाया था बैन
गौरतलब है कि हाल ही में चीन ने अमेरिका को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान और उसके आंतरिक मामलों में किसी भी बाहरी देश को दखल नहीं देना चाहिए। अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबारी गतिविधियां जारी रखने के कारण इस चीनी जहाज पर प्रतिबंध लगाया था। शंघाई शुआनरुन शिपिंग कंपनी लिमिटेड के मालिकाना हक वाला ‘रिच स्टैरी’ नाम का यह जहाज एक मीडियम रेंज टैंकर है। जानकारी के मुताबिक, यह अपने साथ करीब 2 लाख 50 हजार बैरल मेथेनॉल लेकर जा रहा है, जिसे यूएई के हामरियाह पोर्ट से लोड किया गया था।
ट्रंप की नाकेबंदी को लगा बड़ा झटका, विरोध में उतरे कई देश
रॉयटर्स की एक हालिया रिपोर्ट में एलएसईजी, मरीनट्रैफिक और केप्लर के डेटा का हवाला देते हुए इस बात की पुष्टि की गई है कि चीन का यह टैंकर ‘रिच स्टैरी’ बिना किसी रोक-टोक के होर्मुज को पार कर गया है। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी नाकेबंदी लागू होने के बाद ‘रिच स्टैरी’ ऐसा पहला जहाज बन गया है, जिसने इस कड़े पहरे वाले स्ट्रेट से गुजर कर खाड़ी से बाहर निकलने में कामयाबी हासिल की है। यह घटना अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक हार मानी जा रही है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस सख्त नाकेबंदी और नीतियों के खिलाफ दुनिया के कई देश पहले ही खुलकर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।

US Blockade Fails: How Did a Chinese Ship Safely Slip Through the Siege of Hormuz








