जालंधर: साइबर ठगों के हौसले इन दिनों इतने बुलंद हो गए हैं कि अब शहर की जानी-मानी हस्तियां भी इनके सीधे निशाने पर आ गई हैं। ताजा और हैरान करने वाला मामला जालंधर के प्रतिष्ठित पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल से सामने आया है। यहां की प्रिंसिपल डॉ. रश्मि विज का मोबाइल फोन एक शातिर हैकर द्वारा हैक कर लिया गया है। फोन को अपने कंट्रोल में लेने के बाद हैकर उनके कॉन्टैक्ट्स और जानकारों को मैसेज भेजकर मोटी रकम की डिमांड कर रहा है। इस घटना के सामने आते ही स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल के करीबियों में हड़कंप मच गया है।
इमरजेंसी का बहाना बनाकर ऐसे बिछाया ठगी का जाल
इस पूरी साइबर ठगी को बेहद चालाकी और एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हैकर प्रिंसिपल डॉ. रश्मि विज के परिचितों को मैसेज भेजकर किसी बड़ी मुसीबत या इमरजेंसी का हवाला दे रहा है और तुरंत 65,000 रुपये की आर्थिक मदद मांग रहा है। सामने आए एक चैट के स्क्रीनशॉट में साफ देखा जा सकता है कि शातिर ठग लोगों को झांसे में लेने के लिए कह रहा है कि उसका यूपीआई (UPI) सही ढंग से काम नहीं कर रहा है और पेमेंट करने में दिक्कत आ रही है। लोगों को विश्वास दिलाने के लिए वह यह भी दावा कर रहा है कि यह रकम महज दो घंटे के अंदर वापस लौटा दी जाएगी।

स्कूल प्रबंधन और साइबर एक्सपर्ट्स ने जारी किया सख्त अलर्ट
मोबाइल हैकिंग की इस गंभीर घटना का पता चलते ही स्कूल प्रबंधन और खुद प्रिंसिपल डॉ. रश्मि विज ने तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने अपने सभी रिश्तेदारों, परिचितों और स्कूली बच्चों के माता-पिता को तुरंत अलर्ट कर दिया है कि वे ऐसे किसी भी फर्जी मैसेज पर बिल्कुल भरोसा न करें और भूलकर भी कोई पैसा ट्रांसफर न करें। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को भी तुरंत सूचित कर दिया गया है। साइबर मामलों के जानकारों का कहना है कि किसी भी इमरजेंसी मैसेज पर तुरंत आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय सबसे पहले फोन कॉल के जरिए उसकी पुष्टि करनी चाहिए। डिजिटल दौर में बिना तस्दीक किए किसी को भी ऑनलाइन पैसे भेजना बड़े जोखिम का कारण बन सकता है और आम लोगों को इस तरह के फ्रॉड से हमेशा सतर्क रहना चाहिए।

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