जालंधर: पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी (PRTC) कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जालंधर डिपो में कर्मचारियों ने एक विशाल ‘गेट रैली’ का आयोजन कर सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। इस भारी विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण ‘किलोमीटर स्कीम’ के तहत जारी किए जा रहे टेंडर और सालों से सेवाएं दे रहे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग है। यूनियन नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में बेहद उग्र रूप धारण कर लेगा।
क्या है ‘किलोमीटर स्कीम’ का विवाद?
यूनियन नेताओं ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लाई जा रही किलोमीटर स्कीम विभाग और कर्मचारियों के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है। इस स्कीम के लागू होने पर प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टरों को बसें चलाने की खुली छूट मिल जाएगी, जिसमें रोडवेज वर्कफोर्स से केवल कंडक्टरों को ही शामिल किया जाएगा। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि यह पंजाब परिवहन विभाग के निजीकरण की ओर बढ़ाया गया एक बड़ा कदम है। इससे न केवल सरकारी खजाने को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खत्म हो जाएंगे। प्रशासन के साथ कई दौर की बैठकें बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है।
स्पेशल कैडर पॉलिसी और नौकरी पक्की करने की मांग
इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘स्पेशल कैडर पॉलिसी 2023’ को लेकर भी अपनी आवाज बुलंद की। यूनियन का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग के आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को इस पॉलिसी के तहत जल्द सुरक्षित किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ वादे करना जानती है, लेकिन जब उन्हें लागू करने का समय आता है तो हमेशा टालमटोल की नीति अपनाई जाती है। वर्षों से नाममात्र वेतन पर काम कर रहे इन कच्चे कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है।
किसानों और मजदूरों के हक में भी उठाई आवाज
रैली में मौजूद यूनियन नेताओं ने अपने मांग पत्र में केवल विभागीय मुद्दों को ही शामिल नहीं किया है, बल्कि प्रदेश के किसानों और मजदूरों की मांगों को भी मजबूती से उठाया है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को समाज के हर वर्ग की जायज समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए। इस विशाल रैली में भारी संख्या में पहुंचे कर्मियों ने पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।

Roadways Employees’ Anger Erupts in Jalandhar; Issue Major Warning to Punjab Government




