मोहाली: पंजाब महिला आयोग के सामने आज एक दिलचस्प और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। विधायक सुखपाल सिंह खैरा के मामले में अपना पक्ष रखने के लिए उनके बेटे व एडवोकेट मेहताब सिंह खैरा अपने साथी एडवोकेट कंवर सिद्धू के साथ सुबह करीब 11:10 बजे महिला आयोग के मोहाली स्थित दफ्तर पहुंचे। पेशी के बाद बाहर आकर उन्होंने न केवल अपने केस की जानकारी दी, बल्कि एक बड़ा दांव खेलते हुए सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ ही महिला आयोग में एक गंभीर शिकायत दर्ज करवा दी है। इस कदम से राज्य के सियासी गलियारों में अचानक हलचल तेज हो गई है।
बिना सीधे नोटिस के पहुंचे खैरा के बेटे, जवाब के लिए मांगा एक हफ्ते का समय
पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडवोकेट मेहताब सिंह खैरा ने बताया कि उन्हें महिला आयोग की तरफ से सीधे तौर पर कोई आधिकारिक नोटिस नहीं भेजा गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नोटिस को पढ़कर ही खुद आज आयोग के सामने पेश होने का फैसला किया। मेहताब ने दलील दी कि आयोग ने कपूरथला के एसएसपी (SSP) को नोटिस भेजकर विधायक सुखपाल खैरा की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। पेशी के दौरान उन्होंने आयोग से एसएसपी कपूरथला की उसी स्टेटस रिपोर्ट की एक कॉपी देने की मांग की है। इसके साथ ही, अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए उन्होंने आयोग से एक हफ्ते का समय मांगा, जिसे महिला राज्य आयोग ने मंजूर कर लिया है।
CM मान पर महिलाओं के अपमान का आरोप, दर्ज करवाई लिखित शिकायत
अपने पिता के मामले में मोहलत मांगने के बाद इस दल ने एक और बड़ा धमाका किया। एडवोकेट मेहताब सिंह खैरा के साथ मौजूद किसान कांग्रेस पंजाब के अध्यक्ष किरनजीत सिंह संधू और पंजाब किसान सेल की महासचिव सोनिया जायसवाल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ राज्य महिला आयोग को एक आधिकारिक लिखित शिकायत सौंपी है। उनका आरोप है कि हाल ही में एक सार्वजनिक समारोह के दौरान बोलते हुए सीएम मान ने अपने कॉलेज के दिनों का जिक्र करते हुए महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। शिकायतकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब राज्य महिला आयोग जल्द ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को भी नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब करेगा।

Sukhpal Khaira’s son, who appeared before the Women’s Commission, made a big move and filed a complaint








