जालंधर: शहर के बस्ती बावा खेल इलाके में स्थानीय निवासियों और हॉस्टल के छात्रों की सूझबूझ से नशे के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यहां नहर के पास स्थित एक छोटी सी दुकान (खोखे) की आड़ में सरेआम नशीले पाउडर की बिक्री की जा रही थी। लोगों ने मौके से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद कर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब खेल के मैदान में जाने वाले छोटे बच्चों और हॉस्टल के छात्रों को इस नशे के जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही थी।
बच्चों से सख्ती से पूछताछ में खुला राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब छोटे बच्चों और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने स्थानीय लोगों को इस अवैध कारोबार की जानकारी दी। लोगों के अनुसार, जब कुछ बच्चों से सख्ती से पूछताछ की गई और उन्हें समझाया गया, तो उन्होंने उस जगह की पहचान बताई जहां से वे यह नशीला सामान लाते थे। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर नहर के पास स्थित उस खोखे पर अचानक छापेमारी की।
सरेआम बिक रहा था जहर, पुलिस थी बेखबर
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दुकानदार बेखौफ होकर धड़ल्ले से यह नशा बेच रहा था। तलाशी के दौरान वहां से एक बड़ा लिफाफा बरामद हुआ, जो नशीले पाउडर की पुड़ियों से पूरी तरह भरा हुआ था। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह अवैध कारोबार शहर के बीचों-बीच चल रहा था। पास में ही पुलिस का नाका और गाड़ियां भी मौजूद रहती हैं, इसके बावजूद पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि वहां बच्चों को जहर परोसा जा रहा है।
मुख्य सप्लायरों पर सख्त कार्रवाई की मांग
घटनास्थल के पास ही एक प्रमुख स्कूल और खेल का मैदान स्थित है, जिससे लोगों का गुस्सा और चिंता और भी बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक तरफ सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह से बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। लोगों ने बरामद किए गए नशीले पदार्थ और आरोपी को पुलिस को सौंप दिया है। इसके साथ ही प्रशासन से यह मांग की गई है कि केवल इन छोटे विक्रेताओं पर ही नहीं, बल्कि इनके पीछे छिपे मुख्य सप्लायरों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है कि यह नशा कहां से आता था।

Drugs were being sold to children right under the nose of Jalandhar police; locals made a big expose.




