नई दिल्ली: दिल्ली के बहुचर्चित कथित आबकारी (शराब) नीति घोटाले के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज अपना बड़ा फैसला सुना दिया है। इस फैसले से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को एक बहुत बड़ी राहत मिली है। अदालत ने इस आबकारी मामले में दोनों ही नेताओं को पूरी तरह से बरी कर दिया है। अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे मामले में किसी भी तरह की कोई साजिश नहीं रची गई थी।
फैसले के बाद कोर्ट रूम में दिखा भावुक नजारा
अदालत का यह अहम फैसला सुनते ही कोर्ट रूम का माहौल भावुक हो गया और अरविंद केजरीवाल तथा मनीष सिसोदिया तुरंत अपने वकील हरिहरन के गले लग गए। इस दौरान अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी को अपने तथ्य अदालत के सामने ठीक से रखने चाहिए थे। जज ने यहां तक कहा कि वे पहली बार ऐसी चार्जशीट देख रहे हैं जिसमें इतनी अधिक खामियां मौजूद हैं।
बिना ठोस सबूत के आरोप सिद्ध नहीं हो सकते
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आरोपी नंबर 8 और 18 यानी मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पेश किए गए सबूत बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं हैं, जिनसे उन पर लगे गंभीर आरोप सिद्ध हो सकें। सबूतों के इसी अभाव के कारण ही उन्हें बरी किया जा रहा है। अदालत ने अपने फैसले में साफ शब्दों में यह संदेश दिया कि बिना किसी ठोस सबूत के कोई भी आरोप साबित नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि जिस वक्त यह कथित घोटाला हुआ था, उस समय मनीष सिसोदिया उपमुख्यमंत्री थे और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी, जिसके चलते उन्हें एक लंबा समय जेल की सलाखों के पीछे भी बिताना पड़ा था।
23 लोगों को बनाया गया था आरोपी
इस कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई दोनों ही केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। ईडी ने केजरीवाल को 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया था, जब वे दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर आसीन थे, और बाद में 13 जुलाई, 2024 को वे जेल से बाहर आए थे। इस पूरी आबकारी नीति के मामले में अरविंद केजरीवाल समेत कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया था। फैसले के समय दोनों नेता जमानत पर बाहर थे और अब कोर्ट से पूरी तरह बरी होने के बाद यह आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी राजनीतिक और कानूनी जीत मानी जा रही है, क्योंकि दोनों नेता शुरुआत से ही खुद को निर्दोष बताते आ रहे थे।

AAP scores a major victory in the Delhi liquor policy case, with the court acquitting Kejriwal and Sisodia.




