जालंधर: शहर के संविधान चौक के पास स्थित जपनूर ट्रेवल्स के दफ्तर के बाहर किसानों और पीड़ित परिवार ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह हंगामा ट्रैवल एजेंट द्वारा कनाडा भेजने के नाम पर 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने और फर्जी वीजा थमाकर युवक की जिंदगी से खिलवाड़ करने के विरोध में हुआ। पैसे वापस न मिलने और लगातार मिल रहे टालमटोल वाले जवाबों से हताश होकर पीड़ित परिवार ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए एजेंट और उसके सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
फर्जी वीजा पर एयरपोर्ट पहुंचे युवक की बाल-बाल बची जान
पीड़ित सतनाम सिंह ने आरोप लगाया है कि एजेंट और उसके पार्टनर अशोक के साथ-साथ दफ्तर की देखरेख करने वाले मनदीप सिंह की इस पूरे फर्जीवाड़े में अहम भूमिका है। एजेंट ने पीड़ित को 10 साल का फर्जी मल्टीपल वीजा थमा दिया था। जब युवक इस वीजा को लेकर फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट पहुंचा, तो सुरक्षा अधिकारियों ने जांच के दौरान उसे रोक लिया। यह युवक की खुशकिस्मती रही कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ने फर्जी दस्तावेजों को लेकर उस पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, अन्यथा उसे सीधा जेल जाना पड़ सकता था।
जमीन बेचकर जुटाई थी रकम, अब आत्महत्या की नौबत
किसान नेता सुखचैन सिंह ने इस धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए बताया कि कनाडा का वीजा लगवाने के लिए एजेंट को 45 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम दी गई थी। जब फर्जीवाड़े की पोल खुली, तो ट्रैवल एजेंट ने दबाव में आकर 19 लाख रुपये तो वापस कर दिए और बाकी रकम पांच-पांच लाख की किश्तों में लौटाने का वादा किया। लेकिन अब वह अपने वादे से पूरी तरह मुकर गया है। पीड़ित के भाई ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन बेचकर इस रकम का इंतजाम किया था। इस धोखाधड़ी से हुए गहरे मानसिक तनाव के कारण पीड़ित भाई आत्महत्या तक की कोशिश कर चुका है।
दो साल से न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा परिवार
किसान नेताओं के मुताबिक, सुखचैन सिंह की मुलाकात इस शातिर ट्रैवल एजेंट से हीरा सिंह के माध्यम से हुई थी और पैसों का लेन-देन भी हीरा सिंह व उसके बेटे प्रबल के जरिए ही किया गया था। पिछले एक साल से सुखचैन सिंह और उनका परिवार अपने ही पैसों की वापसी के लिए एजेंट के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल झूठे आश्वासन ही मिलते रहे। अंततः पिछले दो साल से न्याय के लिए भटक रहे पीड़ित परिवार को मजबूर होकर ट्रैवल एजेंट के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठना पड़ा।

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