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पंजाब पुलिस ने 100 करोड़ की इंटरनेशनल साइबर ठगी का किया भंडाफोड़, 31 बैंक खातों के जरिए हुआ पैसों का पूरा खेल; मास्टरमाइंड समेत 9 गिरफ्तार

लुधियाना: डिजिटल युग में आम आदमी की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले एक बेहद शातिर और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पंजाब पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सात समंदर पार दुबई में बैठकर देश भर के लोगों को अपना शिकार बनाने वाले इस सिंडिकेट ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी को अंजाम दिया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे हाई-टेक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कमान (किंगपिन) दिल्ली की रहने वाली एक युवती के हाथों में थी। पुलिस ने इस मास्टरमाइंड सहित गिरोह के नौ अहम सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जिसके बाद ठगी के कई बड़े राज बेनकाब हुए हैं।

दुबई से बिछाया गया था 100 करोड़ की जालसाजी का जाल

खन्ना पुलिस की इस बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई ने साइबर अपराध की दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। खन्ना की एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने इस बड़े ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को अब तक 78 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के पुख्ता सुबूत मिल चुके हैं, जबकि कुल आंकड़ा 100 करोड़ के पार जाने की आशंका है। इस पूरे मामले की जांच तब तेज हुई जब 2 सितंबर 2025 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआर) के माध्यम से पुलिस को 53 म्यूल (किराए के) खातों को लेकर संदिग्ध लेन-देन की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद पुलिस ने इन खातों की मनी ट्रेल का पीछा करना शुरू किया।

31 बैंक खातों के जरिए हुआ पैसों का पूरा खेल

पुलिस की सघन जांच में यह बात सामने आई कि इस महाठगी को अंजाम देने के लिए मुख्य रूप से 31 बैंक खातों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था। इन खातों के खिलाफ पूरे देश भर से 200 से अधिक शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। ये सभी खाते पुलिस जिला खन्ना के अधिकार क्षेत्र में खोले गए थे और इनका एकमात्र उद्देश्य वित्तीय धोखाधड़ी की राशि को ठिकाने लगाना था। जांच की शुरुआत में सबसे पहले लुधियाना निवासी सोनू कुमार पुलिस के हत्थे चढ़ा, जिसके खाते में ठगी की एक बहुत बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। सख्ती से पूछताछ करने पर सोनू ने कबूला कि उसके नाम पर खाता खुलवाकर उसमें ठगी का पैसा डलवाया जाता था। इसके तुरंत बाद खन्ना के सुरिंदरपाल सिंह उर्फ डिप्टी को भी दबोच लिया गया, जिसके नाम से सिंडिकेट के दो बैंक खाते चल रहे थे।

कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और गिरफ्त में आते गए प्यादे

सोनू और सुरिंदरपाल से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने अपना दायरा बढ़ाया और मंडी गोबिंदगढ़ के विक्की प्रसाद व लुधियाना के राजन को भी गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों के नाम पर ठगों ने छह बैंक खाते खोल रखे थे। जब इन प्यादों से कड़ाई से पूछताछ हुई, तो राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले गोपाल का नाम सामने आया। गोपाल का काम इन सभी खाताधारकों पर कड़ी निगरानी रखना था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गोपाल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ 16 दिसंबर 2012 को मध्य प्रदेश के जीरन थाने में नशा तस्करी का मामला भी दर्ज हो चुका है।

दिल्ली की लेडी डॉन और अन्य गुर्गे गिरफ्तार, एक की तलाश जारी

गोपाल की गिरफ्तारी इस केस का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की किंगपिन, दिल्ली की रहने वाली आलिया अहमद को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही बंगाल के वर्धमान निवासी सुमित कुमार झा, खन्ना के मलन राय और मंडी गोबिंदगढ़ के रामधन को भी धर दबोचा गया। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार, रामधन इन सभी फर्जी खातों की डिटेल अफसर अली नामक एक अन्य मुख्य आरोपी तक पहुंचाता था। फिलहाल पुलिस अफसर अली की सरगर्मी से तलाश कर रही है और उसके पकड़े जाने के बाद कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

Punjab Police busts Rs 100 crore international cyber fraud, arrests mastermind Alia and nine others