चंडीगढ़: चंडीगढ़ शहर की नगर निगम की पेड पार्किंग में अब किसी भी वाहन को कोई रियायत नहीं मिलेगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के मालिकों को भी पार्किंग फीस चुकानी होगी। इसके साथ ही, पहले पार्किंग में मिलने वाली 15 मिनट की फ्री एंट्री की सुविधा को भी पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के सख्त आदेशों के बाद यह नया नियम लागू किया गया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों और डिलीवरी बॉयज को भी नहीं मिलेगी राहत
नई व्यवस्था के तहत अब हर वाहन को निर्धारित फीस देनी ही होगी। साल 2023 में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पार्किंग में जो छूट दी गई थी, उसे निगम ने वापस ले लिया है। इसके अलावा, अब स्विगी, जोमैटो या किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी बॉय भी बिना फीस चुकाए पार्किंग एरिया में दाखिल या बाहर नहीं हो सकेंगे। हर किसी को नियम के अनुसार पर्ची कटवानी होगी।
निगम ने लॉन्च की ‘वन पास स्कीम’
पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाने और नियमित रूप से आने-जाने वालों की सुविधा के लिए नगर निगम ने ‘वन पास स्कीम’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत दोपहिया वाहनों के लिए 250 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 500 रुपये में महीने भर का पास बनवाया जा सकता है। निगम के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक शहर के 4,000 से ज्यादा लोग इस मासिक पास की सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
सुविधाओं की कमी पर विपक्ष और जनता का कड़ा ऐतराज
निगम के इस नए फैसले के बाद शहर में विरोध के सुर भी उठने लगे हैं। विपक्षी दल कांग्रेस और आम जनता की तरफ से इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया जा रहा है कि नगर निगम स्मार्ट पार्किंग के नाम पर लोगों की जेब तो ढीली कर रहा है, लेकिन पार्किंग स्थलों पर जरूरी सुविधाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर पैसे लिए जा रहे हैं तो पार्किंग की हालत भी सुधारी जानी चाहिए।

Chandigarh residents face a major setback! The 15-minute free parking period has ended




