लुधियाना: पंजाब में सरकारी बसों का सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिन खासे परेशानी भरे साबित हो सकते हैं। अपनी लंबित मांगों को लेकर पनबस और पीआरटीसी (PRTC) के कर्मचारियों ने एक बार फिर पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। सोमवार को लुधियाना बस डिपो के बाहर भारी संख्या में एकत्रित हुए कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारी यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सरकारी बसों के पहिये पूरी तरह थम जाएंगे।
11 को चक्का जाम और 12 को सीएम के घर घेराव
कर्मचारी नेताओं ने सरकार को सख्त अल्टीमेटम देते हुए अपने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी सार्वजनिक कर दी है। यूनियन के ऐलान के मुताबिक, 11 फरवरी को पूरे पंजाब में मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान बसों की आवाजाही ठप रहने की संभावना है, जिससे आम जनता और दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अगले ही दिन यानी 12 फरवरी को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र संगरूर में एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेश से कर्मचारी शामिल होकर अपनी ताकत दिखाएंगे। नेताओं का कहना है कि अगर चक्का जाम से जनता परेशान होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
मीटिंग और आश्वासनों से थके कर्मचारी
प्रदर्शनकारी नेताओं ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार और प्रबंधन के साथ अब तक कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता है। उनका आरोप है कि बंद कमरों में किए गए वादे केवल फाइलों और कागजों तक ही सीमित रह गए हैं और धरातल पर कुछ भी लागू नहीं किया गया है। बार-बार आंदोलन स्थगित करने के बावजूद जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो अब यूनियनों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है।
कच्चे कर्मियों को पक्का करने समेत ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारी यूनियन की प्रमुख मांगों में लंबे समय से काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का करना शामिल है। इसके अलावा, कर्मचारी वेतन में की गई कटौती को बहाल करने और हर महीने समय पर वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं। यूनियन का यह भी कहना है कि पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल किया जाए और परिवहन विभाग के बेड़े में नई बसों की खेप शामिल की जाए। साथ ही, आउटसोर्सिंग के जरिए की जा रही भर्तियों पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। इन मांगों को लेकर कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
यात्री पहले से कर लें इंतजाम
हड़ताल और चक्का जाम की चेतावनी को देखते हुए, आगामी 11 फरवरी को बस से यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले बसों की स्थिति का अपडेट जरूर देख लें या यात्रा के लिए कोई वैकल्पिक साधन तलाश लें, क्योंकि सरकारी बसों का परिचालन पूरी तरह से बाधित रहने की आशंका है।

Bus passengers in Punjab to face more trouble: A statewide transport strike has been announced for this day




