जालंधर: जालंधर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष कंबोज की अदालत ने अपने ही दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में कलयुगी पिता रंजीत मंडल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं, अदालत ने सबूतों के अभाव में इस मामले में नामजद दोषी के भाई संजीत, मां वीना और बहन पूजा को बरी कर दिया है।
पत्नी के चरित्र पर करता था शक
यह मामला 11 दिसंबर 2020 को थाना पतारा में दर्ज किया गया था। शिकायत मृतक बच्चों की मां रंगीली देवी ने दर्ज करवाई थी। मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली और वर्तमान में जालंधर के पतारा में रह रही रंगीली देवी ने पुलिस को बताया था कि उसका पति रंजीत मंडल उसके चरित्र पर शक करता था और अक्सर उसकी मारपीट करता था। घरेलू कलह के चलते घटना वाले दिन रंजीत ने उससे दोनों बच्चों, बेटी अनमोल और बेटे अरमान उर्फ राकेश को जबरदस्ती छीन लिया था।
तालाब में मिली थीं मासूमों की लाशें
विवाद के बाद रंजीत बच्चों को अपने साथ ले गया था। इसके बाद न तो बच्चे वापस आए और न ही रंजीत। काफी देर तक जब बच्चे नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। कुछ समय बाद गांव के छप्पड़ (तालाब) से दोनों मासूमों की लाशें बरामद हुईं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर रंजीत मंडल को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच और पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि पारिवारिक कलह और शक के चलते ही पिता ने बच्चों की जान ली थी। पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया था।
इतनी फूल गई थीं लाशें कि पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया
इस दिल दहला देने वाली घटना में एक दर्दनाक पहलू यह भी था कि छप्पड़ से बरामद बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम भी ठीक से नहीं हो पाया था। पानी में ज्यादा देर तक पड़े रहने के कारण मासूमों की लाशें बुरी तरह फूल गई थीं और गलने लगी थीं। ऐसी स्थिति में कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों शव उनकी मां को सौंप दिए गए थे। सुनवाई के दौरान रंजीत पर दोष साबित होने पर उसे अब उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

A Jalandhar court sentenced a brutal father to life imprisonment for taking away his two young children from his wife




