जालंधर: जालंधर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब युवा नेता लक्की ओबरॉय का दिनदहाड़े कत्ल कर दिया गया। मॉडल टाउन गुरुद्वारे के बाहर हुए इस खूनी खेल की स्क्रिप्ट आज से ठीक 44 दिन पहले, यानी 25 दिसंबर 2025 को ही लिख दी गई थी। गैंगस्टर जोगा फोलड़ीवाल ने क्रिसमस के दिन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लक्की को धमकी दी थी और आज ठीक 44वें दिन उसने अपनी धमकी को अंजाम देते हुए लक्की को मौत की नींद सुला दिया। इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में लक्की का एक नौकर भी संदिग्ध परिस्थितियों में गायब मिला है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
जिगरी यार से जानी दुश्मन बनने की कहानी
हैरानी की बात यह है कि महज दो महीने पहले तक लक्की ओबरॉय और गैंगस्टर जोगा फोलड़ीवाल जिगरी दोस्त हुआ करते थे। दोनों एक-दूसरे का जन्मदिन साथ मनाते थे और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की पोस्ट लाइक करते थे। जोगा के चाचा गुरविंदर बाबा के साथ भी लक्की के अच्छे संबंध थे। लेकिन खालसा कॉलेज की प्रधानगी के मुद्दे ने इस दोस्ती में दरार डाल दी। लक्की ने जोगा को नजरअंदाज करते हुए अपनी ताकत दिखाई और अपनी मर्जी से ‘लव’ नामक युवक को प्रधान बना दिया। यह बात जोगा को नागवार गुजरी और यहीं से दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। इसके बाद जोगा ने अपनी गैंग बदलकर सोनू खत्री से हाथ मिला लिया और अवैध तरीके से अमेरिका भाग गया, जहां से उसने इस साजिश को रचा।
सियासी रसूख और सोशल मीडिया का टशन बना काल
लक्की ओबरॉय की बढ़ती राजनीतिक ताकत और सोशल मीडिया पर उनका ‘टशन’ भी विरोधियों की आंखों में खटक रहा था। साल 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) जॉइन करने के बाद लक्की ने जालंधर कैंट हलके में अपनी अच्छी पैठ बना ली थी और वे लगातार लाइमलाइट में रहते थे। खालसा कॉलेज के चुनाव में सैकड़ों युवाओं को इकट्ठा कर उन्होंने अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। इसके अलावा, लक्की फेसबुक और इंस्टाग्राम रील्स में अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रदर्शन करते थे, जिनके बैकग्राउंड में अक्सर बदमाशी वाले गाने होते थे। पुलिस का मानना है कि उनकी यह बढ़ती ताकत और शोहरत विरोधी खेमे में हलचल पैदा कर रही थी।
डीजीपी ने संभाला मोर्चा, नौकर की तलाश तेज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव खुद जालंधर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस को इस केस को ट्रेस करने में एक बहुत बड़ी लीड मिली है और जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। पुलिस की शुरुआती जांच में घर के भेदी पर भी शक गहरा रहा है, क्योंकि लक्की का एक नौकर घटना के बाद से गायब है। पुलिस यह मानकर चल रही है कि रेकी या सूचना लीक करने में अंदर के ही किसी व्यक्ति का हाथ हो सकता है।

In Jalandhar a friend allegedly wrote the death warrant for AAP leader Lucky Oberoi; he had received a death threat 44 days earlier.




