मानसा: पंजाब की जेलों में सुरक्षा में सेंधमारी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। जालंधर के चर्चित ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ के संस्थापक और बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पास्टर बजिंदर सिंह को जेल की सलाखों के पीछे भी गैर-कानूनी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही थीं। मानसा पुलिस ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए जेल हवलदार निरपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी हवलदार पर पादरी को जेल के अंदर मोबाइल फोन और नकदी जैसी प्रतिबंधित चीजें पहुंचाने का गंभीर आरोप है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल, बैरक से मिला था मोबाइल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि जेल हवलदार निरपाल सिंह अपने वर्दी और पद का दुरुपयोग कर पादरी की मदद कर रहा था। दरअसल, इस पूरे खेल का पर्दाफाश 24 जून को तब हुआ था, जब मानसा जेल में प्रशासन ने औचक निरीक्षण (Surprise Check) किया था। इस चेकिंग के दौरान पास्टर बजिंदर सिंह के पास से एक मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई थी। जेल के अत्यधिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में इन प्रतिबंधित चीजों का मिलना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया था। पुलिस ने जब इस बरामदगी की गहराई से तफ्तीश की, तो सारी कड़ियां सीधे तौर पर जेल कर्मचारी निरपाल सिंह से जाकर जुड़ गईं।
बरनाला जेल से हुई गिरफ्तारी, विभागीय गाज गिरना तय
आरोपी हवलदार निरपाल सिंह घटना के बाद से फिलहाल बरनाला जेल में तैनात था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानसा पुलिस ने दबिश देकर उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में जेल के अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं, या फिर निरपाल सिंह अकेले ही पादरी को यह ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ दे रहा था। जेल मैनुअल की धज्जियां उड़ाने और एक सजायाफ्ता कैदी को प्रतिबंधित सामान मुहैया कराने के आरोप में निरपाल सिंह पर अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सख्त विभागीय कार्रवाई होना भी तय माना जा रहा है।

Pastor Bajinder, who is imprisoned in a rape case, was receiving VIP treatment in jail




