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SSP दफ्तर के बाहर हुए मर्डर केस की गुत्थी सुलझी, गोल्डी बराड़ निकला मास्टरमाइंड; 2 मददगार गिरफ्तार

मोहाली: मोहाली में एसएसपी दफ्तर के बाहर बीती 28 जनवरी को हुए गुरविंदर सिंह हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है। मोहाली पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने शूटरों की मदद की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के करीबी हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फरीदकोट निवासी बलतेज सिंह उर्फ बंटी और जिला फाजिल्का के जलालाबाद निवासी मंगल सिंह उर्फ मैक्स के रूप में हुई है। हालांकि हत्या को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, लेकिन उनकी पहचान कर ली गई है।

सीसीटीवी फुटेज से मिली बड़ी कामयाबी

घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आ गई थी और जांच के लिए कई टीमों का गठन किया गया था। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। फुटेज में दो अज्ञात व्यक्ति काले रंग की पल्सर बाइक पर जाते हुए दिखाई दिए। आगे की जांच में पता चला कि रास्ते में उन्हें एक सफेद रंग की कार मिली, जिसमें वे सवार हो गए और उन्होंने अपने कपड़े भी बदल लिए। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने वाहनों को ट्रैक किया और उनके मालिकों तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और अमेज कार को बरामद कर लिया है।

लॉजिस्टिक और गाड़ी मुहैया करवाने वाले हत्थे चढ़े

मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि फरीदकोट निवासी बलतेज सिंह उर्फ बंटी उस यूपी नंबर वाली होंडा अमेज कार का ड्राइवर था, जिसमें आरोपी फरार हुए थे। उसकी निशानदेही पर ही कार रिकवर की गई है। वहीं, जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि जलालाबाद निवासी मंगत सिंह उर्फ मैक्स ने दोषियों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की थी। वारदात में इस्तेमाल दोनों वाहन यानी कार और बजाज पल्सर बाइक उसी ने मुहैया करवाए थे।

गोल्डी बराड़ को थी पल-पल की खबर

एसएसपी ने बताया कि इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड विदेश में बैठा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ था। उसे वारदात की पल-पल की जानकारी थी और उसी के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने दावा किया है कि फरार मुख्य शूटरों की भी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस नेटवर्क के अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

The mystery surrounding the murder case outside the SSP’s office has been solved