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7 महीने बाद नाभा जेल से बाहर आए बिक्रम मजीठिया: मूंछों पर ताव देकर सरकार को ललकारा, बोले- दिल्ली के हुक्मरानों से ईंट से ईंट बजानी है

पटियाला: पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया मंगलवार को पटियाला की नाभा जेल से रिहा हो गए हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आए। जेल के गेट से बाहर कदम रखते ही मजीठिया ने अपने समर्थकों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और अपने चिर-परिचित अंदाज में मूंछों को ताव दिया। इस दौरान उनकी पत्नी गनीव कौर भी उनके साथ मौजूद थीं। जेल से बाहर आते ही मजीठिया के तेवर काफी आक्रामक नजर आए और उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार पर तीखे हमले बोले।

‘सरकार ने जितना दबाया, उतनी ताकत मिली’

रिहाई के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मजीठिया ने सबसे पहले वाहेगुरु का शुकराना अदा किया। उन्होंने कहा कि ‘धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब’ और गुरु गोबिंद सिंह महाराज की उन पर अपार कृपा रही है। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जितना सरकार ने उन्हें दबाने की कोशिश की, उन्हें उतनी ही ज्यादा ताकत मिली। उन्होंने ऐलान किया कि अब दिल्ली के हुक्मरानों के साथ ईंट से ईंट बजानी है और उन्हें इस बात की प्रेरणा मिली है। छोटे साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए मजीठिया ने कहा कि साहिबजादे मुगल शासकों के दबाव में नहीं झुके और हक-सच की बात कही। उनसे ही हमें यह शिक्षा मिलती है कि सरकार के खिलाफ लड़ना मुश्किल जरूर है, लेकिन डरना नहीं है।

‘सरकार चाहती थी कि मेरी लाश बाहर आए’

मजीठिया ने भावुक होते हुए मजीठा हलके के लोगों और अपने लिए अरदास करने वाली माताओं-बहनों का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा थी कि वह जेल से जिंदा बाहर न आएं, बल्कि उनकी लाश ही बाहर आए। उन्होंने कहा कि जब पत्रकारों तक को बख्शा नहीं जा रहा और मेहनत-मजदूरी करने वालों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं, तो ऐसे में लड़ाई लड़ना कठिन है, लेकिन ऊपर वाले की कृपा से यह संभव होता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब पता चलता था कि पुलिस नया पर्चा दर्ज करने वाली है, तो उन्हें अब ‘चाव’ चढ़ जाता था।

डेरा मुखी से मुलाकात के बाद रिहाई

अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप कलेर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर लेट अपडेट होने के कारण कागजी कार्रवाई में थोड़ा समय लगा। रिहाई के बाद मजीठिया सबसे पहले पटियाला के गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होंगे, जिसके बाद वे अमृतसर या चंडीगढ़ के लिए रवाना हो सकते हैं। गौरतलब है कि मजीठिया पिछले 7 महीने से जेल में बंद थे। उनकी रिहाई से ठीक पहले डेरा ब्यास मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने जेल में उनसे मुलाकात की थी, जिसने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। उनके अमृतसर स्थित आवास पर स्वागत की जोरदार तैयारियां की गई हैं।

Bikram Majithia released from Nabha jail after 7 months: He twirled his mustache and challenged the government