गुरदासपुर: गुरदासपुर के मेरिटोरियस स्कूल में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया जब हॉस्टल में रात का खाना खाने के बाद कई विद्यार्थियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। छात्रों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में इलाज के बाद सभी छात्रों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना ने स्कूल में मिल रहे खाने की गुणवत्ता और प्रशासन की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉक्टर और प्रिंसिपल के दावों में विरोधाभास
घटना के कारणों को लेकर डॉक्टरों और स्कूल प्रिंसिपल के बयानों में स्पष्ट अंतर देखने को मिला है। सिविल अस्पताल की डॉ. कृति ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे 16 से 17 साल के 8 बच्चों को अस्पताल लाया गया था। उन्होंने पुष्टि की है कि बच्चों की तबीयत फूड पॉइज़निंग के कारण खराब हुई थी। दूसरी ओर, स्कूल के प्रिंसिपल राजीव महाजन ने फूड पॉइज़निंग की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्चों को दोपहर में आयरन की गोलियां दी गई थीं, जिसके रिएक्शन के चलते कुछ बच्चों को घबराहट और उल्टियां शुरू हो गईं। प्रिंसिपल ने दावा किया कि स्कूल में बच्चों को बिल्कुल साफ-सुथरा खाना दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वे मेडिकल लीव पर थे, लेकिन सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। एहतियात के तौर पर आज बच्चों के दोबारा टेस्ट करवाए जा रहे हैं।
अभिभावकों का फूटा गुस्सा, खाने की क्वालिटी पर उठाए सवाल
बच्चों के बीमार होने की खबर मिलते ही स्थानीय अभिभावक तुरंत सिविल अस्पताल पहुंच गए और स्कूल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्टल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है। उनका कहना है कि वे इस संबंध में पहले भी कई बार स्कूल प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। अभिभावकों का आरोप है कि उनकी शिकायतों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है, जिसका नतीजा है कि आज बच्चों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हॉस्टल के खाने की जांच हो और बच्चों को पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित कराया जाए।

Students fall ill after eating at Meritorious School; 8 students hospitalized, parents express outrage




