नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए देश के आर्थिक ढांचे में बड़े बदलावों की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को अपने विकास पर फोकस रखना होगा। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि देश में इसी साल ‘नया इनकम टैक्स एक्ट’ लागू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने जीएसटी प्रक्रिया को और सरल बनाने का वादा किया है, ताकि व्यापारियों और आम करदाताओं को राहत मिल सके। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ग तक विकास पहुंचाना है और इसके लिए निवेश बढ़ाने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अधिकतम इस्तेमाल किया जाएगा।
1. सस्ती होंगी गंभीर बीमारियों की दवाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट में बड़ी राहत दी गई है। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं अब सस्ती होंगी। इसके अलावा देश में जैविक दवाओं (Biologics) के निर्माण पर जोर दिया जाएगा, जिसके लिए बायोफार्मा सेक्टर को पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 5 नए ‘क्षेत्रीय मेडिकल हब’ बनाए जाएंगे और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक समर्पित संस्थान की स्थापना होगी। सरकार ने बुजुर्गों के लिए एक मजबूत हेल्थ केयर इकोसिस्टम तैयार करने का भी संकल्प लिया है।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग को मिली नई रफ्तार
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए वित्त मंत्री ने दुर्गापुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया है। साथ ही, कंटेनर विनिर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। शहरों में नए इकोनॉमिक जोन बनेंगे और केमिकल पार्कों का निर्माण किया जाएगा। कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 22 नए जलमार्ग और 3 डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाने की भी घोषणा की गई है। ‘कॉरपोरेट मित्र’ योजना के जरिए पेशेवर संस्थानों की सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाया जाएगा।
3. पर्यटन और पूर्वोत्तर भारत पर विशेष फोकस
पर्यटन को रोजगार का बड़ा जरिया मानते हुए सरकार ने पूर्वोत्तर भारत के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। अरुणाचल प्रदेश से लेकर त्रिपुरा तक एक भव्य ‘बौद्ध सर्किट’ तैयार किया जाएगा।
इसके अलावा पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में 5 नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे। टूरिस्ट गाइड्स को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने के लिए आईआईएम (IIM) की मदद ली जाएगी। साथ ही देश भर में 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास किया जाएगा।
4. शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए बड़े कदम
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। दिव्यांगजनों की मदद के लिए एक विशेष योजना शुरू की जाएगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए मत्स्य पालन हेतु 500 जलाशयों का विकास किया जाएगा और ‘महात्मा गांधी स्वराज योजना’ की शुरुआत होगी। इसके अलावा खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने और खेल व खिलाड़ियों के विकास के लिए भी सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।
5. खेल क्षेत्र के लिए कई एलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान खेल क्षेत्र के लिए कई एलान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले दशक में खेलों में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू होगा। इसके साथ ही खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के अलावा खेल तकनीक को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रशिक्षण और खेल इन्फ्रा को विकसित करने पर जोर रहेगा।
6. ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए शी-मार्ट्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरुआत होगी।
7. बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या एलान?
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले दशक की तरह ही सरकार का बुनियादी ढांचे के निवेश पर विशेष फोकस बना रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और इस दिशा में कदम उठाते हुए, वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, आंशिक लोन गारंटी सुनिश्चित करने के लिए एक ‘इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि’ स्थापित होगी और रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग में तेजी लाने के लिए समर्पित आरईआईटी (REITs) का उपयोग किया जाएगा। परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कार्गो आवागमन को बढ़ावा देने के साथ-साथ, पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत तक एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का भी प्रस्ताव है।
8. युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर क्या एलान?
लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर क्या-क्या एलान किए गए हैं। इसके तहत युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर जोर बढ़ाया जाएगा। शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर बनेगी उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति। 2047 तक 10 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाया जाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
9. बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या एलान?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बैंकिंग सेक्टर के लिए कई एलान किए। उन्होंने कहा- बैंकिंग क्षेत्र में सुधार-आधारित विकास जारी रहेगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं इसमें विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी हैं। उन्होंने कहा विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की व्यापक समीक्षा होगी। इसके साथ ही कॉरपोरेट बॉन्ड क्षेत्र में निधियों और डेरिवेटिव्स के लिए अवसरों पर जोर दिया जाएगा और कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा- बड़े शहरों में ज्यादा मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड के बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। वहीं 1000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव भी बजट में रखा गया है। इसके साथ ही छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पीआरओआई के लिए व्यापार की सुगमता बढ़ाई जाएगी और व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए निवेश सीमा पांच से बढ़ाकर 10 फीसदी की जाएगी। व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए समग्र निवेश सीमा 10 फीसदी से बढ़ाकर 24 फीसदी होगी।
10. किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए किसानों और पशुपालकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। सरकार की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा और तटीय क्षेत्रों में वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा। इसी प्रकार, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए लोन-आधारित सब्सिडी, उद्यमों का आधुनिकीकरण और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है।
बागवानी और नकदी फसलों (Cash Crops) के लिए भी विशेष घोषणाएं की गई हैं। तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन और काजू की खेती को सहायता दी जाएगी। भारतीय काजू और कोको को ‘वैश्विक ब्रांड’ बनाने, चंदन की पुरानी गरिमा को पुनर्स्थापित करने और बादाम-अखरोट की पैदावार बढ़ाने के लिए समर्पित कार्यक्रम शुरू होंगे। तकनीक के मोर्चे पर, ‘भारत-VISTAAR’ नामक एक बहुभाषी एआई (AI) टूल लॉन्च किया जाएगा, जो किसानों को सटीक निर्णय लेने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही, स्टार्टअप्स और महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों को सीधे बाजार से जोड़ने की पहल भी इस बजट का अहम हिस्सा है।

budget-2026-the-new-income-tax-act-will-be-implemented-this-year-and-medicines-for-cancer-and-diabetes-will-become-cheaper




