जालंधर/भोगपुर: जालंधर के ग्रामीण क्षेत्र भोगपुर में दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गरमा गया है। मृतकों की पहचान 17 वर्षीय अर्शप्रीत और उसके दोस्त गोपेश के रूप में हुई है। पुलिस ने जहां इसे सड़क हादसा मानते हुए कार्रवाई शुरू की है, वहीं परिजनों ने इसे सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दिया है। दोनों युवकों के शव बहराम श्रेष्ठा रोड से लिंक सड़क इट्टां बद्दी के पास मिले थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिए हैं, लेकिन परिवार में मातम और गुस्से का माहौल है।
लोहड़ी की रात से थे लापता, फोन की घंटी बजती रही
घटनाक्रम के अनुसार, अर्शप्रीत और गोपेश लोहड़ी की रात बाइक लेकर घर से निकले थे। जब वे देर रात तक वापस नहीं लौटे तो परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने उन्हें बार-बार फोन किया, घंटी बजती रही लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। अगले दिन भी उनकी काफी तलाश की गई लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। 15 जनवरी की शाम करीब 8 बजे परिवार को सूचना मिली कि दोनों युवक सड़क किनारे गिरे पड़े हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें भोगपुर के सरकारी अस्पताल पहुँचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिवार का दावा: बाइक सही सलामत, सिर पर गहरे घाव
अर्शप्रीत के चाचा जगदीप सिंह ने पुलिस की एक्सीडेंट वाली थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि शव घर से 5 किलोमीटर दूर मिले हैं। सबसे संदिग्ध बात यह है कि जिस बाइक से एक्सीडेंट की बात कही जा रही है, वह टूटी नहीं है। इसके अलावा दोनों के मोबाइल फोन भी उनके पास मिले हैं, जिससे लूटपाट की आशंका भी खत्म हो जाती है। परिवार का आरोप है कि अर्शप्रीत के माथे पर और गोपेश के सिर के पिछले हिस्से में धारदार हथियार के गहरे निशान हैं। यह चोटें गिरने से नहीं, बल्कि किसी हथियार से वार करने के कारण आई हैं।
डब्बरी गांव के युवकों पर हत्या का शक
परिजनों ने पुलिस को बताया कि अर्शप्रीत और गोपेश का डब्बरी गांव के कुछ युवकों के साथ पुराना विवाद चल रहा था। चाचा जगदीप के मुताबिक, घर से निकलने से पहले उन्हें किसी का फोन आया था और वे उसी शख्स से मिलने गए थे। परिवार को शक है कि डब्बरी गांव के युवकों ने उन्हें धोखे से बुलाया और साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी। परिवार ने पुलिस से मांग की है कि आखिरी कॉल डिटेल खंगाली जाए और एक्सीडेंट के बजाय हत्या (मर्डर) का केस दर्ज कर जांच की जाए।
लेबनान में हैं अर्शप्रीत के पिता, लौटने पर होगा संस्कार
मृतक अर्शप्रीत का परिवार गहरे सदमे में है। अर्शप्रीत के पिता लेबनान में काम करते हैं और वह यहां अपनी मां मंजीत कौर के साथ रहता था। 17 वर्षीय अर्शप्रीत के पिता उसे भी जल्द विदेश में सेटल करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना घट गई। फिलहाल, भोगपुर पुलिस मुलाजिम सुरिंदर सिंह ने एक्सीडेंट का मामला दर्ज किया है। अर्शप्रीत के पिता के विदेश से लौटने के बाद ही उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि वे परिवार के आरोपों की जांच कर रहे हैं।

Two friends who went missing from Jalandhar on Lohri night found dead under suspicious circumstances




