लुधियाना: लुधियाना के सिधवां बेट इलाके में सतलुज नदी के बहाव के साथ छेड़छाड़ का मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। प्रशासन की नाक के नीचे यहां अवैध बांध बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अभी एक महीना भी नहीं बीता था कि इलाके में दूसरा विशाल अवैध बांध मिलने से हड़कंप मच गया है। ताजा मामला खुरशेदपुरा गांव के पास का है, जहां नदी के बीचों-बीच करीब 300 मीटर लंबा कच्चा बांध बना दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि इसी नवंबर महीने में अक्कुवाल गांव के पास भी 155 मीटर लंबा अवैध बांध पकड़ा गया था। एक ही महीने के भीतर दो बार इस तरह के बड़े निर्माण सामने आने से स्थानीय ग्रामीणों और बाढ़ पीड़ितों में भारी रोष है। उनका कहना है कि बाढ़ की विभीषिका झेलने के बावजूद प्रशासन की नजरों से बचकर इतना बड़ा निर्माण कैसे हो रहा है? विभागीय अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है कि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बदलने की यह कोशिश मानसून के दौरान पूरे इलाके के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
इस मामले में सिधवां जल निकास उप-मंडल में तैनात जूनियर इंजीनियर और खनन निरीक्षक विरेंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने कड़ा संज्ञान लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह बांध नदी के अंदर ही रेत के टीले जमा करके तैयार किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह काम अवैध रेत खनन माफिया का हो सकता है। माफिया रेत निकालने में आसानी के लिए नदी की धारा को जबरन दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश कर रहा है।
सिधवां बेट पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पंजाब नहर और जल निकासी अधिनियम के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 52 (सी) और 326 (सी) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। सिधवां बेट थाने के एसएचओ हीरा सिंह ने मीडिया को बताया कि अवैध निर्माण करने वालों की पहचान के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस अवैध बांध को तोड़कर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल कर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके।

Sand mafia’s unchecked activities in the Sutlej river; a second illegal dam discovered in a month




