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22 कैरेट बताकर थमाया 18 कैरेट सोना, कल्याण ज्वैलर्स पर एक लाख का जुर्माना; लुधियाना उपभोक्ता आयोग का कड़ा फैसला

लुधियाना: सोने की शुद्धता को लेकर देश के नामचीन ज्वेलरी ब्रांड कल्याण ज्वैलर्स की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए लुधियाना के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने यह कार्रवाई ग्राहक को 22 कैरेट बताकर कम शुद्धता वाला सोना बेचने और भ्रामक जानकारी देने के आरोप सिद्ध होने पर की है। आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ज्वेलरी ब्रांड ने न केवल गलत तरीके से सोना बेचा, बल्कि खरीद के समय उपभोक्ताओं को शुद्धता और विशिष्टताओं के बारे में सही जानकारी देने में भी विफल रहा।

यह पूरा मामला जुलाई 2021 का है, जब अर्शदीप सिंह ने कल्याण ज्वैलर्स से 42,719 रुपये का एक पेंडेंट खरीदा था। इसके कुछ दिनों बाद उनकी मां सुखबीर कौर ने भी उसी शोरूम से 47,000 रुपये का एक सोने का स्टड खरीदा। दोनों ही बार शोरूम के कर्मचारियों ने ग्राहकों को आश्वासन दिया कि आभूषण 22 कैरेट शुद्ध सोने के हैं। हालांकि, आभूषणों पर हॉलमार्क का निशान न होने पर ग्राहकों को संदेह हुआ। जब उन्होंने लुधियाना की एल.डी. गोल्ड लैब में इसकी जांच कराई, तो रिपोर्ट चौंकाने वाली थी। आभूषणों की शुद्धता महज 75.21 प्रतिशत पाई गई, जो 18 कैरेट सोने के बराबर थी, जबकि कंपनी द्वारा दिए गए बिल (चालान) में इसे 22 कैरेट बताया गया था।

लैब रिपोर्ट आने के बाद जब अर्शदीप ने शोरूम से संपर्क किया और कानूनी नोटिस भेजा, तो कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा। सुनवाई के दौरान कल्याण ज्वैलर्स ने अपना बचाव करते हुए दलील दी कि बेचे गए उत्पाद ‘पोल्की ज्वैलरी’ थे, जो हॉलमार्किंग के अनिवार्य नियमों के तहत छूट के दायरे में आते हैं और इन्हें अक्सर एमआरपी पर बेचा जाता है। कंपनी का कहना था कि ग्राहक को इसकी जानकारी थी। लेकिन आयोग ने कंपनी की इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग के अध्यक्ष संजीव बत्रा और सदस्य मोनिका भगत ने पाया कि जब ज्वेलर ने खुद चालान में 22 कैरेट शुद्धता का उल्लेख किया है, तो वह अब ‘यू-टर्न’ नहीं ले सकता।

आयोग ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शोरूम में रखे गए आभूषणों के टैग पर शुद्धता, वजन या गुणवत्ता का विवरण न होना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का सीधा उल्लंघन है। इससे खरीदार जरूरी जानकारी से वंचित रह जाते हैं। आयोग ने माना कि कंपनी की गलत बयानी के कारण शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। फैसले के मुताबिक, कल्याण ज्वैलर्स को 30 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को एक लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। यदि कंपनी तय समय सीमा में भुगतान करने में विफल रहती है, तो उसे शिकायत दर्ज करने की तारीख से भुगतान की तारीख तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। 

Kalyan Jewellers fined one lakh rupees for selling 18-carat gold while claiming it was 22-carat.