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‘जब हम मंडी पहुंचे, ताला लगा था’…11 दिन की बंदी ने तोड़ी प्याज किसानों की कमर, भारी नुकसान

मुंबई: महाराष्ट्र में प्याज उत्पादक किसान दीपावली के दौरान 11 दिनों तक प्याज मंडियों के बंद रहने से भारी नाराज़ हैं। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने शुक्रवार को कहा कि इस फैसले से उन किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जो पहले से ही कम कीमतों की मार झेल रहे थे।

संघ के संस्थापक-अध्यक्ष भरत दिघोले ने एक कड़े बयान में कहा कि राज्य सरकार को किसानों के साथ हो रहा यह अन्यायपूर्ण व्यवहार तुरंत बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसान दिन-रात मेहनत करके प्याज उगाते हैं और जब वे अपनी उपज मंडी में लेकर पहुंचते हैं, तो उनका स्वागत ‘मंडी बंद’ का बोर्ड करता है। यह अन्याय किसानों के साथ सालों से चला आ रहा है।”

भरत दिघोले ने चिंता जताते हुए कहा कि दीपावली जैसे शुभ अवसरों पर भी किसानों को केवल कठिनाइयों का ही सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, प्याज उत्पादक पहले से ही काफी कम कीमतों का सामना कर रहे हैं, जिससे वे आर्थिक संकट में हैं। अगर बाजार इतने लंबे समय तक बंद रहे, तो मंडियां फिर से खुलने के बाद आवक अचानक बढ़ जाएगी, जिससे कीमतें और गिर जाएंगी।

दिघोले ने मंडी प्रशासन और व्यापारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, “मंडी निजी संस्थाएं नहीं हैं, वे किसानों के श्रम और उपज के कारण ही अस्तित्व में हैं। नीलामी को इतने लंबे समय तक स्थगित रखना बिल्कुल भी सही नहीं है।”

उन्होंने मांग की कि मंडी बंद करने का अधिकार केवल प्रमुख त्योहारों के मुख्य दिनों तक ही सीमित होना चाहिए और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारियों व व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

संघ ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेने और कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) में सख्त अनुशासन लागू करने की मांग की है। दिघोले ने कहा कि सरकार को किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और प्याज बाजारों का कुशलतापूर्वक विनियमन कर पारदर्शी व किसान-हितैषी संचालन सुनिश्चित करना चाहिए।

 

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11-day lockdown breaks onion farmers’ back