
नई दिल्ली: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीतियों का खामियाजा वहां बसे भारतीयों, खासकर पंजाबियों को भुगतना पड़ रहा है। ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत सड़क सुरक्षा का हवाला देते हुए अमेरिकी परिवहन मंत्रालय ने 1500 से अधिक ट्रक ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जिनमें 230 पंजाबी ड्राइवर भी शामिल हैं। इसका मुख्य कारण ड्राइवरों का अंग्रेजी भाषा में निपुण न होना बताया गया है।
इस फैसले के बाद ये सभी ड्राइवर बेरोजगार हो गए हैं और कई के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, जिससे उन्हें अपना पेशा बदलने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
परिवहन मंत्री शॉन डफी ने कहा कि ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत सड़क सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। जो ड्राइवर अंग्रेजी नहीं जानते, वे सड़कों पर अन्य लोगों के लिए खतरा पैदा करते हैं। मंत्रालय ने 2019 की एक घातक दुर्घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें अंग्रेजी न जानने वाले एक ड्राइवर की कथित लापरवाही के कारण चार लोगों की मौत हो गई थी।

फेडरल मोटर कैरियर सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने अंग्रेजी को अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे ओबामा के कार्यकाल के दौरान टाल दिया गया था। ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी इस नियम को सख्ती से लागू नहीं किया गया था।
लेकिन इस साल अप्रैल में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश ने ट्रक ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी जानना अनिवार्य कर दिया। इस फैसले का अमेरिकी ट्रांसपोर्टेशन उद्योग ने भी समर्थन किया है।
यह नई नीति उन हजारों पंजाबी ड्राइवरों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिनका गुजारा अमेरिका में ट्रक चलाकर ही होता है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में और भी कई ड्राइवरों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई हो सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
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Trump’s strict policies have an impact




