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HMV में रीयूजिंग द टेक्सटाइल वेस्ट फॉर क्लाथ बैग मेकिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

जालंधर (अमन बग्गा): हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर के ईको क्लब व इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की ओर से रीयूजिंग द टेक्सटाइल वेस्ट फॉर क्लॉथ बैग मेकिंग पर एक दिवसीय सफल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की स्टेट नोडल एजेंसी एनवायरमेंट इन्फारमेशन, अवेयरनैस, कपैसिटी बिल्डिंग एंड लाईवलीहुड प्रोग्राम, पंजाब, पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नालिजी थी तथा यह कार्यशाला भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं क्लाईमेट चेंज मंत्रालय के सहयोग से आयोजित की गई थी। एचएमवी संस्थान की ओर से पीएससीएसटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इंजीनियर प्रितपाल सिंह का विशेष धन्यवाद किया गया। उनके प्रोत्साहन के कारण ही शैक्षणिक संस्थानों को सस्टेनेबिलिटी अपनाने का समबल मिला है। एचएमवी द्वारा पीएससीएसटी के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. के.एस. बाठ का भी विशेष धन्यवाद किया गया जिन्होंने संस्थानों को आत्मविश्वास दिया।

प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन ने प्लांटर भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्य के बारे में बताया तथा कहा कि सस्टेनेबिलिटी के साथ इनोवेशन एक बेहतरीन सुमेल है। कार्यशाला के कोआर्डिनेटर तथा डीन इनोवेशन डॉ. अंजना भाटिया ने सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में एचएमवी द्वारा किए जा रहे कार्यों की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमें रीसाइकल, रीयूज तथा डाउनसाइकल की पालिसी अपनानी चाहिए। थ्रोअवे कल्चर को अपनाने की अपेक्षा उसे कम प्रयोग में लाना ही समझदारी है। कोआर्डिनेटर कपैसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम फॉर एनवायरनमेंट सुश्री रंजीत ने रोजगार के अवसरों के साथ ग्रीन आजीविका पर बात की। उन्होंने कहा कि आज की कार्यशाला कार्यवाई उन्मुख है जो कि सचेत जीवन पर आधारित है।

आई.टी. आफिसर सुश्री अलीशा ने सचेत जीवन पर प्रकाश डाला। ग्रीन स्पैरो प्रोजैक्ट डायरेक्टर सुश्री रमनप्रीत कौर ने ग्रीन स्पैरो द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया। डिजाइन विभागाध्यक्षा डॉ. राखी मेहता ने सभी का धन्यवाद किया। हैंड्स ऑन ट्रेनिंग सैशन के दौरान डॉ. राखी मेहता, श्रीमती रिशव व श्रीमती नवनीता ने इनोवेटिव तरीके से कपड़े के थैले व प्लांटर बनाने की ट्रेनिंग दी। सदाना गांव व एचएमवी से 100 से अधिक महिलाओं व छात्राओं ने इस वर्कशाप में भाग लिया। वर्कशाप पूरी तरह सफल रही। इस अवसर पर बैग्स की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

 

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One day workshop on reusing the textile