
चंडीगढ़: पंजाब में अब घर बनाना महंगा साबित हो सकता है। दरअसल, बरसात के मौसम और व्यापारिक मुश्किलों के चलते इस बार ईंटों के भट्टे पूरे 7 महीने के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसके कारण ईंटों का उत्पादन रुक जाएगा और निर्माण सामग्री की मांग बढ़ने से पहले ही महज 15 दिनों में ईंटों की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे गरीबों के सस्ते घर बनाने के सपने टूटने लगे हैं। इसके साथ ही, यदि आने वाले दिनों में यह स्थिति गंभीर बनी रहती है, तो रियल एस्टेट कारोबार पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
गौरतलब है कि बरसात के मौसम में आमतौर पर ईंटों के भट्टे जून के महीने से बंद हो जाते हैं और लगभग 4 महीने बाद सर्दियों के मौसम में फिर से शुरू होते हैं। लेकिन इस बार कारोबारियों ने इन भट्टों को दिसंबर महीने तक बंद रखने का फैसला किया है और वे जनवरी में 7 महीने बाद शुरू हो पाएंगे, जिसके बाद ईंटों का उत्पादन शुरू हो सकेगा। यह पहली बार है जब ईंटों के भट्टे लगभग 3 महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए बंद रहेंगे।
इस संबंध में, जिला भट्टा एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता बलजिंदर सोनी पिंकी ने एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के हवाले से बताया कि अक्सर बरसात के मौसम में भट्टे जून में बंद हो जाते हैं और लगभग 4 महीने बाद फिर से खुलते हैं। लेकिन इस बार, राज्य के ज्यादातर जिलों में सितंबर/अक्टूबर की बजाय 3 महीने बाद जनवरी में इन भट्टों को दोबारा खोलने का फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों के कारण भट्टा मालिकों का उद्योग भी प्रभावित हो रहा है। इसके कई कारण हैं। उन्होंने बताया कि माइनिंग नीति, जीएसटी दरों में वृद्धि, काम के घंटों में कमी सहित कई कारण हैं। इस वजह से, भट्टा मालिक प्रभावित कारोबार को बचाने और नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लेने को मजबूर हो रहे हैं।
इस संबंध में भट्टा एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के एक मामले में जनवरी से 30 जून तक भट्टों को चलाने के आदेश जारी किए हैं, इस संबंध में पंजाब के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है जबकि यह अधिसूचना केवल राजस्थान के भट्टा मालिकों पर लागू की गई है, इसलिए इन आदेशों का हमारे भट्टों को बंद करने से कोई संबंध नहीं है।
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Bad news for home builders in Punjab




