
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े आर्थिक और संचार प्रतिबंधों में से एक की घोषणा की है। भारत ने पाकिस्तान के साथ होने वाले हर प्रकार के व्यापार (आयात और निर्यात दोनों) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच संचालित होने वाली सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने पड़ोसी देश के साथ सीधे या किसी तीसरे देश या व्यापारिक समूह के माध्यम से होने वाले अप्रत्यक्ष व्यापार पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है। वाणिज्य मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके अनुसार पाकिस्तान से उत्पन्न या वहां से निर्यात होने वाले सभी प्रकार के सामानों के सीधे या अप्रत्यक्ष आयात और आवागमन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बनाना है।
पहले भारत से पाकिस्तान को जैविक और अजैविक रसायन, दवाएं, कृषि उत्पाद, कपास, चीनी, मशीनरी और अन्य सामान निर्यात किए जाते थे, जबकि पाकिस्तान से सूखे मेवे, फल, सीमेंट, सेंधा नमक, पत्थर, चूना, मुल्तानी मिट्टी और चमड़े के सामान जैसी वस्तुएं आयात होती थीं। व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध के बाद इन सभी का आदान-प्रदान बंद हो जाएगा।
इसी के साथ, एक और बड़ी कार्रवाई के तहत, भारत सरकार ने पाकिस्तान से आने और जाने वाली सभी श्रेणियों की डाक और पार्सल सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय हवाई और जमीनी दोनों मार्गों से होने वाले सभी डाक और पार्सल विनिमय पर लागू होगा। डाक विभाग ने इस संबंध में एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर इस निलंबन की पुष्टि की है।
यह ध्यान देने योग्य है कि भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाएं पहले से ही सीमित स्तर पर संचालित हो रही थीं। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने कुछ समय के लिए इन सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था, हालांकि बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया था। लेकिन अब, मौजूदा अत्यंत तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, भारत ने इन सेवाओं को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है।
इस व्यापक व्यापार प्रतिबंध और डाक सेवाओं के निलंबन से दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक, व्यक्तिगत और व्यापारिक पत्राचार तथा सामान का आदान-प्रदान पूरी तरह से ठप हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा और गंभीर आर्थिक प्रभाव पाकिस्तान पर पड़ेगा, और उन लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा जो दोनों देशों के बीच पारिवारिक या व्यापारिक जरूरतों के लिए इन सेवाओं पर निर्भर थे।
भारत द्वारा उठाए गए ये कड़े कदम पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले, जिसमें 28 मासूम पर्यटकों की जान चली गई थी, के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सीधी और मजबूत प्रतिक्रिया मानी जा रही है। इन फैसलों से दोनों देशों के बीच पहले से ही खराब चल रहे संबंध और बिगड़ने की आशंका है।
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