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करतारपुर कॉरिडोर : कैप्टन के मंत्री का हंगामा, शिलान्यास पत्थर पर लिखे कैप्टन के नाम पर चिपका दी काली पट्टी

करतारपुर कोरीडोर के उद्घाटन से पहले पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृत्प राजिन्द्र सिंह बाजवा ने शिलान्यास के पत्थर पर काली टेप लगा दी जहां पर अकाली नेताओं के नाम लिखे थे। बाजवा का कहना है कि अकालियों ने शुरु से ही करतारपुर कोरीडोर का विरोध किया है इसलिए शिलान्यास पत्थर पर उनका नाम नहीं होना चाहिए।

 डेरा बाबा नानक से विधायक और पंजाब के सहकारिता एवं जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय अधिकारियों द्वारा लगाए गए उद्घाटन पत्थर पर काली पट्टी चिपका दी है।जानकारी के मुताबिक जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा इस बात से खफा हो गए हैं कि उनके हलके में हो रहे उद्घाटन पत्थर में उन्हीं का नाम नहीं लिखा गया। जबकि उस पत्थर में पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल का नाम लिखा गया था। नाराज जेल मंत्री रंधावा ने उद्घाटन पत्थर पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत अन्य मंत्रियों के नाम पर काली पट्टी चिपका दी।

केंद्र सरकार की सत्ता का इतना प्रभाव पड़ा कि भाजपा ने शिलान्यास के पत्थर पर अपने सहयोगी दल भाजपा के प्रकाश सिंह बादल तथा सुखबीर बादल का नाम लिख कर क्रेडिट वार को हवा दे दी

पंजाब सरकार के मंत्रियों का कहना है कि कॉरिडोर बनाने का फैसला आनन-फानन में लिया गया है, केंद्र सरकार को अभी ये भी नहीं पता है कि कॉरिडोर कहां बनाना है. कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि पाकिस्तान ने 28 नवंबर को आधारशिला रखने का कार्यक्रम तय कर दिया है.

उन्होंने कहा कि इसी वजह से आनन-फानन में केंद्र सरकार ने 26 नवंबर को ही पंजाब सरकार को आधारशिला का कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दे दिया. जबकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया जिसे इस कॉरिडोर को बनाना है, उसे अब तक ये ही नहीं पता कि ये कॉरिडोर कहां से निकाला जाएगा और इस कॉरिडोर की आधारशिला कहां रखी जाएगी.

राज्य सरकार में मंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा ने कहा कि हरसिमरत कौर बादल ने नवजोत सिद्धू को कौम का गद्दार बताया था, अब वो खुद पाकिस्तान जा रही हैं. वह क्या मुंह लेकर वहां जाएंगी. अकाली दल ने आजतक इस मुद्दे को नहीं उठाया

कांग्रेस नेताओं की हो रही अनदेखी

इसके अलावा उन्होंने आधारशिला के कार्यक्रम के दौरान हो रही अनदेखी पर भी सवाल उठाया. ग्रामीण और शहरी विकास मंत्री बाजवा ने केंद्र द्वारा समारोह के लिए व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि “पंजाब के नेताओं और मंत्रियों को वक्ताओं और मंच साझा करने वालों की सूची में कोई स्थान नहीं दिया गया है.”