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संत श्री आशाराम बापू के केस में एक और बड़ा उलटफेर, शिल्पी के बाद शिष्य शरद को मिला इंसाफ, कोर्ट ने किया रिहा, जानियें कौन है शरद, नीचे पढ़ें पूरी ख़बर

संत श्री आशाराम बापू के केस में एक और बड़ा उलटफेर, शिल्पी के बाद शिष्य शरद को मिला इंसाफ, कोर्ट ने किया रिहा, जानियें कौन है शरद, नीचे पढ़ें पूरी ख़बर

Aman Bagga -9888799688 

PLN न्यूज़( अमन बग्गा- चीफ एडिटर) :
करोड़ो भक्तों और राष्ट्र प्रेमियों के मुताबिक झूठे और फर्जी केस में फंसे 82 वर्षीय वृद्ध संत श्री आशाराम जी बापू के साथ 25 अप्रैल को इस सदी का बहुत बड़ा अन्याय किया गया है। उन के साथ साथ छिंदवाड़ा गुरुकुल की वार्डन शिल्पी और संचालक शरद को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई गई थी।
आरोप लगाने वाली लड़की ने कहा था कि साजिश में शिल्‍पी और शरद भी शामिल थे

  संत श्री आशाराम बापू जी के केस में संचिता उर्फ शिल्पी को 29 सिंतबर 2018 राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद अब शरद को भी जमानत मिल गई है। शिल्पी के बाद शरद को जमानत मिलने के बाद अब संत श्री आसाराम बापू की जमानत को लेकर भक्तों को आस बंधी है. 

जमानत की खबर के बाद बापू जी के भक्तों में जहा एक और खुशी की लहर है वही बापू जी को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्हें आजीवन कारावास पर स्टे मिलने की उम्मीद है। वही भक्तों की मांग है कि उन के सदगुरु की उम्र और उन का स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें भी जल्द ही पैरोल पर रिहा किया जाए।  गौरतलब है कि 5 वर्ष में बापू जी को एक बार भी आज तक जमानत नही दी गई।

जानिए कौन है शरद भाई

छिंदवाडा गुरुकुल में डायरेक्टर पद पर कार्यरत शरदचन्द्र भाई हैदराबाद के निवासी थे। उन्होंने हैदराबाद से ‘बायो मेडिकल इंजीनियरिंग और अमेरिका से ‘एमएससी की डिग्री प्राप्त की हुई है । शरदचन्द्र भाई ब्रह्मचारी हैं । यह तो सोचने वाली बात है कि इतना पढा-लिखा, धन-धान्य से सम्पन्न व्यक्ति बापूजी के पास ही क्यों आता ! दूसरी बात यदि उसे ऐसे काम करने होते तो वह आश्रम क्यों आता !आश्रम तो भगवद्भक्ति व साधना के लिए है, समाजसेवा के लिए है ।

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