झाबुआ : वैसे तो इस देश मे सब को अधिकार है भले वो किसी भी धर्म स्थल पर जाए भले किसी भी स्कूल में पढ़ें।
लेकिन देश भर में जिस प्रकार से चर्च में जाने वाली लड़कियों के साथ यौन शोषण छेड़छाड़ आदि की वारदातें सामने आ रही है। देश भर में पादरियों फादर व बिशप आदि पर आरोप लग रहे है इसे देखते हुए महिलाओं को खासकर युवा लड़कियों को चर्च और ईसाई मिशनरी स्कूलों में ऐसे हवस का भेड़ियों से सावधानी रखनी अति आवश्यक है।
इस का ताज़ा उदारहण मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में 17 वर्षीय आदिवासी छात्रा की आत्महत्या मामले में एक चर्च के कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू को गिरफ्तार कर लिया गया है। फादर पर आरोप है कि वह छात्रा पर शादी करने का दबाव बना रहा था जिससे परेशान होकर उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
रानापुर पुलिस थाना प्रभारी कैलाश चौहान ने रविवार को बताया, ‘‘नाबालिग छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए फादर प्रकाश डामोर पर IPC की धारा 306 एवं पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज करके गिरफ्तार किया गया।”
उन्होंने बताया, ‘‘फादर को मंगलवार को ही अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।”
ईसाई बनने और शादी करने के लिए बनाया दबाव
उन्होंने कहा कि 11वीं में पढ़ने वाली 17 वर्षीय लड़की ने चार जनवरी को अपने घर में कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि 33 वर्षीय ईसाई फादर (कैथोलिक धर्मगुरू) उस पर ईसाई बनने और शादी करने के लिए दबाव बना रहा है।
चौहान ने बताया कि इस मामले की जांच उप निरीक्षक सी एल चौहान ने की थी और जांच पूरी होने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि लड़की मिशनरी स्कूल में पढ़ती थी और वहीं स्कूल छात्रावास में रहती थी। वहीं पर प्रकाश की उससे जान पहचान हुई थी।
इसी बीच, झाबुआ कैथोलिक डायोसिस के प्रवक्ता फादर रॉकी शाह ने कहा, ‘‘फादर प्रकाश डामोर निर्दोष हैं। मुझे जानकारी मिली है कि इस मामले में सही जांच नहीं हुई है। हम इस मामले की सघन जांच की मांग करते हैं, ताकि असली अपराधी को दंडित किया जा सके।”




