लुधियाना: लुधियाना से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां की एक पाना-चाबी (स्पैनर) बनाने वाली फैक्ट्री में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक जहरीली गैस का रिसाव हो गया। गैस इतनी घातक थी कि इसकी चपेट में आने से दम घुटने के कारण बाप-बेटे समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, फैक्ट्री में काम कर रहे कई अन्य मजदूर जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए, जिनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
मिनटों में फैली गैस, भागने तक का नहीं मिला मौका
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, रात के वक्त फैक्ट्री में रोजाना की तरह सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक गैस पाइपलाइन से रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी फैक्ट्री जहरीली गैस के गुबार में तब्दील हो गई। गैस का असर इतना तीव्र और जानलेवा था कि वहां मौजूद मजदूरों को संभलने और बाहर भागने तक का मौका नहीं मिला। आंखों में तेज जलन और दम घुटने के कारण कई मजदूर तड़पते हुए फैक्ट्री के अंदर ही जमीन पर गिर पड़े।
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एसडीएम जसलीन भुल्लर ने हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान ग्यासपुरा निवासी पिता मान सिंह, उनके बेटे अमित और एक अन्य मजदूर श्री राम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मान सिंह और अमित मशीन के नीचे से निकलने वाली मिट्टी (मलबा) को भरने के लिए नीचे गए थे, तभी वे इस जानलेवा गैस की चपेट में आ गए। मृतक अमित शादीशुदा था और उसकी एक साल की मासूम बेटी है।
मृतक की बेटी का छलका दर्द
इस भीषण हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। मृतक मान सिंह की बेटी और अमित की बहन रेनू ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही और सच्चाई छिपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। रेनू ने रोते हुए बताया कि उसके पिता और भाई रात की शिफ्ट में काम पर गए थे। आमतौर पर वे रात को दो से तीन बजे के बीच घर लौट आते हैं। जब वे समय पर नहीं लौटे, तो परिवार ने उनके मोबाइल पर लगातार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
सुबह घबराकर जब परिजन फैक्ट्री पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। रेनू के मुताबिक, फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें हादसे की तुरंत कोई जानकारी नहीं दी। वहां पूछने पर सिर्फ इतना कहा गया कि वे अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन जब परिवार बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचा, तो वहां पिता और भाई के शव देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
मलबे के काम में लगाए गए थे मजदूर, मालिक फरार
रेनू ने बताया कि फैक्ट्री में अमूमन दूसरा काम होता था, लेकिन रात के समय उनसे मलबा उठवाने का काम लिया जा रहा था। पीड़ित परिवार का कहना है कि हादसे के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी फैक्ट्री का मालिक न तो अस्पताल पहुंचा है और न ही उनसे कोई संपर्क किया है। इस घटना के बाद से मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। मां, बहू और डेढ़ साल की मासूम बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनका रोना देखकर अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Toxic Gas Leak at Ludhiana Factory: 3, Including Father and Son, Die of Suffocation








