मुंबई: होम लोन, कार लोन या किसी भी अन्य तरह का लोन लेने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने का बड़ा फैसला किया है। इसका सीधा और साफ मतलब यह है कि रेपो रेट से लिंक्ड आपके लोन्स की ईएमआई (EMI) में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, जिससे आम आदमी के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
गवर्नर ने किया ऐलान, आम आदमी को मिली बड़ी राहत
सोमवार से चल रही मॉनिटरी पॉलिसी की अहम बैठक के बाद बुधवार सुबह 10 बजे केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस फैसले का आधिकारिक ऐलान किया। उन्होंने बताया कि कमिटी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। चूंकि आज के समय में ज्यादातर बैंकों के होम और ऑटो लोन सीधे रेपो रेट से जुड़े होते हैं, ऐसे में इस फैसले ने कर्जदारों को महंगाई के बीच एक सुकून की सांस दी है। अब आपको अपने लोन चुकाने के लिए हर महीने ज्यादा किस्त नहीं भरनी होगी।
तमाम चुनौतियों के बीच जुझारू बनी हुई है अर्थव्यवस्था
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि मौद्रिक नीति समिति ने अपना तटस्थ रुख (Neutral Stance) आगे भी बनाए रखने का निर्णय लिया है। देश की आर्थिक सेहत पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर महंगाई के आंकड़े राहत देने वाले हैं और यह पूरी तरह से नियंत्रण में है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर देखी गई है। वैश्विक अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए गवर्नर ने स्पष्ट किया कि पूरी दुनिया में चल रही उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से जुझारू और मजबूत बनी हुई है और आगे का ग्रोथ आउटलुक भी बेहद सकारात्मक है।

Relief for Millions of Loan Borrowers: RBI Takes This Major Decision








