नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में भड़के युद्ध की आग अब सीधे तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं की जेब तक पहुंच गई है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के बीच सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार, 20 मार्च से पेट्रोल की कीमतों में 2.09 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा कर दिया है। हालांकि, आम वाहन चालकों के लिए थोड़ी राहत की बात यह है कि कंपनियों ने फिलहाल यह बढ़ोतरी केवल प्रीमियम (हाई-ऑक्टेन) पेट्रोल पर की है, जबकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रीमियम और पावर पेट्रोल भरवाने वालों पर सीधा असर
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट पर 2.09 रुपये से लेकर 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि लागू कर दी है। इस बदलाव के बाद पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे हाई-क्वालिटी फ्यूल की कीमत लगभग 111.68 रुपये से उछलकर 113.77 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। इस फैसले का सीधा और सबसे ज्यादा असर मेट्रो शहरों में रहने वाले उन कार और स्पोर्ट्स बाइक मालिकों पर पड़ेगा, जो बेहतर माइलेज और स्मूद इंजन परफॉर्मेंस के लिए प्रीमियम पेट्रोल का ही इस्तेमाल करते हैं।
इजरायल-ईरान तनाव ने बिगाड़ा ग्लोबल मार्केट का गणित
पेट्रोल की कीमतों में लगी इस अचानक आग के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का महंगा होना है। 19 मार्च को ग्लोबल ऑयल मार्केट में 4 प्रतिशत से ज्यादा का भारी उछाल दर्ज किया गया था। इस दौरान ब्रेंट क्रूड 111.78 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 99.57 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर बड़ा हमला करने और उसके जवाब में ईरान द्वारा कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर को निशाना बनाए जाने से पूरी दुनिया में तेल सप्लाई का संकट गहरा गया है।
क्या आने वाले दिनों में आम पेट्रोल-डीजल भी होगा महंगा?
भारत अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए ग्लोबल मार्केट के तनाव का सीधा असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही तेल कंपनियों ने अभी सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ना खतरे की घंटी है। यदि पश्चिम एशिया में हालात जल्द नहीं सुधरे और कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह उच्च स्तर पर बनी रहीं, तो आने वाले समय में आम लोगों के इस्तेमाल वाले ईंधन की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Major Blow from Inflation: Petrol Becomes More Expensive Starting Today








