
वाशिंगटन: अमेरिका में ड्राइविंग स्किल के आधार पर नौकरी की तलाश में गए पंजाबी युवाओं के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प सरकार ने ट्रक चलाने वाले युवाओं के लिए इंग्लिश स्पीकिंग (अंग्रेजी बोलना) अनिवार्य कर दिया है। इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है और बाकायदा इसके लिए टेस्ट भी लिए जा रहे हैं।
खबरों के अनुसार, पंजाब के ट्रक ड्राइवरों द्वारा किए गए एक्सीडेंट के बाद ट्रम्प सरकार ने यह सख्त नियम लागू किया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ‘ऑन रोड’ (सड़क पर) ट्रक ड्राइवरों को रोक-रोक कर उनका इंग्लिश स्पीकिंग टेस्ट ले रही है।

इस टेस्ट में अब तक 7,000 से ज्यादा गैर-अमेरिकी (नॉन-अमेरिकी) ट्रक ड्राइवर फेल हो चुके हैं। जो ड्राइवर टेस्ट पास नहीं कर पाए, उनके लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) कर दिए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस वक्त अमेरिका में करीब 1.50 लाख पंजाबी ड्राइवर हैं, जो इस नए नियम से सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं।
अमेरिका के ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी (परिवहन सचिव) सीन डफी ने इसकी पुष्टि की है। उनके मुताबिक, 30 अक्टूबर तक चले इंग्लिश टेस्ट में कई ड्राइवर न तो सही से अंग्रेजी बोल पाए और न ही वे अंग्रेजी में लिखे ट्रैफिक साइन (यातायात संकेतों) के बारे में बता पाए।
गौरतलब है कि लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए अमेरिकी सरकार करीब दो महीने पहले ही भारतीय ड्राइवरों के वीजा पर रोक लगा चुकी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी जानकारी दी थी।
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Major action against Punjabi truck drivers








