You are currently viewing अमेरिका में अब 9 करोड़ रुपए ‘गिफ्ट’ देकर मिलेगा ‘गोल्डन वीजा’, ट्रंप सरकार ने खत्म की पुरानी शर्तें

अमेरिका में अब 9 करोड़ रुपए ‘गिफ्ट’ देकर मिलेगा ‘गोल्डन वीजा’, ट्रंप सरकार ने खत्म की पुरानी शर्तें

वॉशिंगटन: अगर आपकी जेब में पैसा है, तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बांहें फैलाकर आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी प्रशासन ने बुधवार, 10 दिसंबर से आधिकारिक तौर पर अपना बहुचर्चित “ट्रंप गोल्ड कार्ड” वीजा प्रोग्राम शुरू कर दिया है। इस नए नियम के तहत अब अमेरिका में बसना बेहद आसान, लेकिन महंगा हो गया है। ट्रंप सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक अगर सरकार को 1 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 9 करोड़ रुपये का भुगतान करता है, तो वेरिफिकेशन के बाद उसे यह गोल्ड वीजा मिल जाएगा। यह वीजा धारक को अमेरिका में रहने और काम करने की ठीक वैसी ही सुविधाएं देगा, जैसी “ग्रीन कार्ड” होल्डर्स को मिलती हैं।

इस गोल्ड वीजा को हासिल करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सीधी रखी गई है। इसके लिए एक विशेष वेबसाइट Trumpcard.gov लॉन्च की गई है, जिस पर “एप्लाई नाऊ” का विकल्प मौजूद है। आवेदन की प्रक्रिया दो चरणों में है। सबसे पहले आवेदक को प्रोसेसिंग फीस के रूप में अमेरिका के गृह मंत्रालय (होमलैंड सुरक्षा विभाग) को 15,000 डॉलर यानी करीब 13.5 लाख रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियां आवेदक के बैकग्राउंड की जांच करेंगी। जांच में सब कुछ सही पाए जाने के बाद आवेदक को 1 मिलियन डॉलर (9 करोड़ रुपये) की राशि जमा करनी होगी, जिसे वेबसाइट पर आधिकारिक रूप से “गिफ्ट” या उपहार कहा गया है। यह राशि जमा करते ही गोल्ड वीजा जारी कर दिया जाएगा।

अमेरिका में यह नया गोल्ड वीजा पुराने और जटिल EB-5 वीजा प्रोग्राम की जगह लेगा। गौरतलब है कि साल 1990 में अमेरिकी संसद ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए EB-5 वीजा शुरू किया था। उस वीजा को हासिल करने के लिए विदेशी नागरिकों को अमेरिका में ऐसी कंपनी स्थापित करनी होती थी या निवेश करना होता था, जिससे कम से कम 10 अमेरिकी लोगों को रोजगार मिले। लेकिन ट्रंप सरकार की नई योजना में रोजगार पैदा करने की ऐसी कोई शर्त नहीं रखी गई है। अब सिर्फ पैसा देकर सीधे तौर पर वीजा खरीदा जा सकता है, जो अमीरों के लिए अमेरिका में एंट्री का सबसे आसान रास्ता बन गया है।

गोल्ड कार्ड के अलावा ट्रंप प्रशासन जल्द ही इससे भी ऊपर का एक ‘प्लैटिनम कार्ड’ लाने की तैयारी कर रहा है। वेबसाइट के अनुसार, विदेशी नागरिक अभी से इसके लिए साइन अप कर वेटिंग लिस्ट में अपनी जगह सुरक्षित कर सकते हैं। प्लैटिनम कार्ड की कीमत 5 मिलियन डॉलर यानी करीब 48 करोड़ रुपये होगी। इसमें भी 15,000 डॉलर की प्रोसेसिंग फीस और बैकग्राउंड चेक की प्रक्रिया समान रहेगी। प्लैटिनम कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसे रखने वाले विदेशी नागरिक को अमेरिका के बाहर से होने वाली अपनी कमाई पर अमेरिका में कोई टैक्स नहीं देना होगा और वे साल में 270 दिन तक अमेरिका में बिना किसी रॉक-टोक के रह सकेंगे। 

In the US, a “golden visa” can now be obtained by giving a “gift” of 90 million rupees