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लुधियाना के पॉश इलाके में सड़क धंसने से ढहने की कगार पर पहुंचा मकान, निजी कंपनी की लापरवाही पर FIR की तैयारी; सख्त होंगे नियम

लुधियाना: लुधियाना के पॉश किचलू नगर इलाके में अचानक सड़क धंसने और एक मकान के ढहने की कगार पर पहुंचने के मामले में नगर निगम अब पूरे एक्शन मोड में आ गया है। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं था, बल्कि अंडरग्राउंड वायरिंग का काम करने वाली एक निजी कंपनी की भारी लापरवाही का नतीजा था। निगम अधिकारियों ने इस कंपनी की पहचान का काम शुरू कर दिया है और जल्द ही इसके खिलाफ आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर और जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों ने आज खुद घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया।

पुरानी सीवरेज लाइन में कर दिया था सुराख, रिसता रहा पानी
सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर ने इस हादसे की तकनीकी वजह बताते हुए कहा कि इलाके का सीवरेज सिस्टम पुराने ‘डाट सिस्टम’ (ईंटों से बना) पर आधारित है। जांच में पता चला है कि अंडरग्राउंड वायरिंग के लिए पाइप डालते समय संबंधित कंपनी ने घोर लापरवाही बरती और सीधे सीवरेज लाइन में ही सुराख कर दिया, जहां से तीन तारें भी निकाली गईं। इस सुराख के कारण डाट सिस्टम की ईंटें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसी टूटे हुए हिस्से से लगातार सीवरेज और बारिश का पानी रिसता रहा, जिससे अंदर ही अंदर मिट्टी कटती गई और आखिरकार पूरी सड़क धंसकर एक बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई।

बदले जाएंगे नियम, दोषी कंपनी पर कसा जाएगा कानूनी शिकंजा
इस भयंकर लापरवाही को लेकर नगर निगम सख्त रवैया अपना रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कंपनी का सत्यापन पूरा होते ही उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही को रोकने के लिए तकनीकी जांच के आदेश भी दिए गए हैं। राकेश पराशर ने कहा कि अब से शहर में अंडरग्राउंड वायरिंग की अनुमति देने से पहले कुछ बेहद सख्त शर्तें अनिवार्य की जाएंगी। इन कड़े नियमों को पूरा करने वाली कंपनियों को ही सड़क खोदने या वायरिंग करने की इजाजत मिलेगी।

राहत काम की धीमी रफ्तार से मकान मालिक परेशान
हादसे के बाद उस मकान को सबसे ज्यादा खतरा है, जिसके ठीक सामने यह सड़क धंसी है। जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों के मुताबिक, फिलहाल निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता इस प्रभावित मकान को सुरक्षित करना है। मकान की नींव के साथ एक सपोर्टिंग दीवार बनाई जा रही है ताकि भवन को गिरने से बचाया जा सके। एहतियात के तौर पर परिवार को पहले ही वहां से निकाल लिया गया था। दूसरी ओर, मकान मालिक कमल सिंघनिया ने प्रशासन की ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मरम्मत का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि दहशत के कारण उनके परिवार को बीती रात रिश्तेदारों के घर रहकर गुजारनी पड़ी है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द काम पूरा कर उनके घर को सुरक्षित करने की गुहार लगाई है।

House on the verge of collapse after road caves in a posh area of ​​Ludhiana; preparations underway to file