चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा पराली प्रबंधन (स्टबल मैनेजमेंट) को लेकर अपनाई गई दूरदर्शी और सख्त रणनीति अब पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गई है। इस शानदार उपलब्धि के लिए राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरण श्रेणी में प्रतिष्ठित ‘स्कॉच सिल्वर अवार्ड 2025’ से सम्मानित किया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बड़ी राष्ट्रीय मान्यता की जानकारी साझा की और इस सफलता का पूरा श्रेय राज्य के जागरूक किसानों को दिया।
83 हजार से घटकर महज 5 हजार रह गए मामले, हवा में घुला सुधार
आंकड़ों के जरिए पंजाब की इस ऐतिहासिक सफलता को उजागर करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि सूबे में पराली जलाने की घटनाओं में 94 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जहां साल 2020-21 में पराली जलाने के 83,002 मामले सामने आए थे, वहीं 2025-26 के मौजूदा सीजन में यह आंकड़ा सिमट कर सिर्फ 5,114 रह गया है। मंत्री ने कहा कि यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि पंजाब के किसानों की जागरूकता और प्रशासन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग का सकारात्मक नतीजा है। उन्होंने यह प्रतिष्ठित सम्मान उन सभी किसानों को समर्पित किया जिन्होंने खेतों में आग लगाने की बजाय आधुनिक मशीनों का रास्ता चुना।
नई मशीनों पर 80% तक की बंपर सब्सिडी, 600 करोड़ का बजट जारी
किसानों को पराली के धुएं से मुक्त कर उन्हें आधुनिक खेती की तरफ मोड़ने के लिए सरकार खजाना खोलकर मदद कर रही है। कृषि मंत्री खुड्डियां ने बताया कि पराली को मिट्टी में ही मिलाने वाली मशीनों की खरीद पर सरकार की तरफ से 50 से 80 फीसदी तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। इस साल इस योजना को और गति देने के लिए 25,000 नई सीआरएम (क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट) मशीनें खरीदने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए बकायदा 600 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट भी आवंटित कर दिया गया है।
किसानों के खातों में सीधे पहुंचे 427 करोड़, 24 अप्रैल तक करें आवेदन
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक राज्य में लगभग 13,000 नई मशीनें खरीदी जा चुकी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि बिचौलियों का काम खत्म करते हुए सरकार ने 427 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है। मशीनों की उपलब्धता और अधिक बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने एक ऑनलाइन एप्लीकेशन विंडो भी खोल दी है, जहां किसान 24 अप्रैल तक आवेदन कर इस बंपर छूट का फायदा उठा सकते हैं। सरकार के इस सफल मॉडल ने न सिर्फ पंजाब की हवा को जहरीली होने से बचाया है, बल्कि खेतों की मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी कई गुना बढ़ा दिया है।

Historic 94% Decline in Stubble Burning Cases in Punjab; Government’s Special Model Receives








