चंडीगढ़: पंजाब में अपनी मांगों को लेकर किसानों का ‘रेल रोको’ आंदोलन शुक्रवार को उग्र हो गया। फिरोजपुर, जालंधर और अमृतसर समेत कई जिलों में किसानों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया, जिससे रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। फिरोजपुर में हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब रेलवे ट्रैक खाली करवाने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच तीखी झड़प हो गई। वहीं, लुधियाना और जालंधर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई किसानों को हिरासत में लिया है।
आंदोलन को विफल करने के लिए पंजाब पुलिस ने शुक्रवार तड़के से ही सख्ती शुरू कर दी थी। पुलिस ने किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की और कई प्रमुख चेहरों को हाउस अरेस्ट कर लिया। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रधान दिलबाग सिंह, मक्खन सिंह और सुखदेव मगली जैसे नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया है ताकि वे प्रदर्शन स्थल तक न पहुंच सकें।
पुलिस की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में किसान अमृतसर के देवीदासपुरा और फिरोजपुर में रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। पटरियों पर सैकड़ों किसानों के बैठने के कारण रेलवे प्रशासन को कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नजरबंद किए गए किसान नेता दिलबाग सिंह ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, पुलिस ने रात से ही हमारे घरों पर रेड शुरू कर दी थी। सीएम भगवंत मान केंद्र की मोदी सरकार का ही दूसरा चेहरा हैं। राज्य में बिजली बोर्ड का निजीकरण किया जा रहा है और सरकारी जमीनें निजी हाथों में सौंपी जा रही हैं। अगर ऐसा हुआ तो 90 फीसदी गरीबों की बिजली बंद हो जाएगी और गरीब अंधेरे में रहने को मजबूर होगा।
प्रदर्शनकारी किसान मुख्य रूप से बिजली संशोधन बिल को वापस लेने और प्रीपेड मीटर योजना को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

Farmers clash with police, several detained; tracks blocked in Ferozepur-Amritsar; trains cancelled








