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कोर्ट ने गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और भूप्पी राणा को किया बरी, तीन अन्य को 3-3 साल की कैद

मोहाली: पंजाब की मोहाली अदालत ने अवैध हथियार बरामदगी से जुड़े करीब तीन साल पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया और भूपिंदर सिंह उर्फ भूप्पी राणा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत के अनुसार अभियोजन पक्ष इन दोनों गैंगस्टरों का बाकी आरोपियों के साथ कोई सीधा संबंध या लिंक साबित करने में नाकाम रहा। वहीं, मामले के तीन अन्य आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए कैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

तीन दोषियों को 3-3 साल की सजा, धोखाधड़ी के आरोपों से राहत
अदालत ने मामले के तीन अन्य आरोपियों सौरव कुमार उर्फ अज्जू, कुषार आशीष रामस्वरूप और शिवराज सैनी को आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने तीनों दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में दोषियों को दो-दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। हालांकि, अदालत ने इन तीनों को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धाराओं 406, 420 और 120-बी के आरोपों से पर्याप्त सबूत न होने के चलते बरी कर दिया। मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी रणजीत सिंह उर्फ काका की मुकदमे की सुनवाई (ट्रायल) के दौरान ही मौत हो चुकी है।

अलीगढ़ से हथियार लाकर गैंगस्टरों को सप्लाई करने का था आरोप
पुलिस के अनुसार, यह मामला 18 अक्टूबर 2023 का है जब एएसआई गुरदीप सिंह की टीम बलौंगी के टी-पॉइंट पर वाहनों और संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से अवैध हथियार व गोला-बारूद खरीदकर पंजाब के विभिन्न जिलों में सक्रिय गैंगस्टरों को सप्लाई करने का नेटवर्क चला रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने गंदे पानी के नाले के पुल के समीप घेराबंदी कर आरोपियों को हथियारों और कारतूसों के साथ धर दबोचा था।

पूछताछ में खुला था अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद आरोपी शिवराज सैनी से पूछताछ के आधार पर 20 अक्टूबर 2023 को कुषार आशीष को नामजद कर गिरफ्तार किया गया और उससे भी हथियार बरामद किए गए। गहन पूछताछ में सामने आया कि कुषार लोगों को निजी लोन दिलाने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर ठगी भी करता था। इसके बाद 22 अक्टूबर को हुई पूछताछ में उसने अमेरिका और कनाडा में रह रहे लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करने की बात कबूली, जिसके बाद पुलिस ने उसके फ्लैट से अपराध में इस्तेमाल लैपटॉप बरामद किया था।

जग्गू और भूप्पी राणा के खिलाफ लिंक साबित करने में नाकाम रही पुलिस
जांच के दौरान सह-आरोपी के खुलासे के आधार पर पुलिस ने गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया को नामजद किया था। इसके बाद 1 दिसंबर 2023 को मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए गैंगस्टर भूप्पी राणा को भी नामजद कर औपचारिक तौर पर गिरफ्तार दिखाया गया था। हालांकि, अदालत में ट्रायल के दौरान पुलिस इन दोनों कुख्यात गैंगस्टरों की इस सिंडिकेट और बरामद हथियारों के साथ सीधी संलिप्तता या साठगांठ से जुड़ा कोई पुख्ता और कानूनी सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके चलते अदालत ने दोनों को बरी करने का फैसला सुनाया।

Court acquits gangsters Jaggu Bhagwanpuria and Bhuppi Rana; three others sentenced to three years in prison each