नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही आपसी खींचतान अब अपने चरम पर पहुंच गई है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चाबंदी करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी खेमे ने अब अपनी रणनीति बदल ली है। जब हाईकमान के सामने चरणजीत सिंह चन्नी का प्रभाव कम होता दिखा, तो अब वड़िंग को बैकफुट पर लाने के लिए विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खुद कमान संभाल ली है। इस राजनीतिक हलचल के बीच प्रताप सिंह बाजवा ने संसद के बाहर राहुल गांधी से मुलाकात की, जिसमें केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे।
सुखजिंदर रंधावा के घर हुई गुप्त डिनर मीटिंग
इस सियासी जंग की आंच मंगलवार रात सुखजिंदर सिंह रंधावा के दिल्ली स्थित आवास पर महसूस की गई, जहां चन्नी खेमे के रणनीतिकारों ने एक अहम बैठक की। इस डिनर मीटिंग में प्रताप सिंह बाजवा, राणा गुरजीत, सांसद शेर सिंह गुबाया और परगट सिंह जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। यह बैठक राजा वड़िंग की कार्यशैली और नेतृत्व के खिलाफ एकजुट होने का एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। चन्नी गुट और वड़िंग विरोधी विधायकों ने अब बाजवा के जरिए राहुल गांधी को एक पत्र भेजकर उनसे सीधे मुलाकात का समय मांगा है।
राहुल गांधी की पांच टीमें कर रही फीडबैक सर्वे
भूपेश बघेल के हालिया पंजाब दौरे और रैलियों में चन्नी समर्थकों द्वारा की गई नारेबाजी ने कांग्रेस हाईकमान को भी असमंजस में डाल दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने खुद अपनी पांच विशेष टीमों को ग्राउंड पर उतार दिया है, जो पंजाब के सभी 23 जिलों में घूमकर राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने या बदलने पर जनता और कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रही हैं। यह टीमें एक-दो दिन में अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी के कार्यालय को सौंप देंगी। फीडबैक में यह बात सामने आई है कि ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ कार्यक्रमों में चन्नी गुट के नेताओं को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ गया है। 25 अगस्त से पहले हाईकमान इस पर कोई बड़ा फैसला ले सकता है।
अकेले पड़ते राजा वड़िंग, टिकट ऐलान और रेत नीति से बढ़ी मुश्किलें
कुछ समय पहले जब केसी वेणुगोपाल ने चरणजीत सिंह चन्नी को बुलाकर फटकार लगाई थी, तब राजा वड़िंग को लगा था कि उनके रास्ते का सबसे बड़ा ‘कांटा’ साफ हो गया है। इसी आत्मविश्वास में वड़िंग ने मंच से खुद ही टिकटों का ऐलान करना शुरू कर दिया और 2027 में सरकार बनने पर मुफ्त रेत की योजना तक का वादा कर डाला। हालांकि, वड़िंग का यह अति-उत्साह अब उनके लिए मुसीबत बनता जा रहा है। चन्नी खेमे द्वारा प्रताप सिंह बाजवा को आगे करने के बाद अब राजा वड़िंग का खेमा बैकफुट पर दिखाई दे रहा है। देखना यह होगा कि राहुल गांधी की टीमों की रिपोर्ट के बाद पंजाब कांग्रेस की कमान किसके हाथों में रहती है और बाजवा-चन्नी की यह नई धुरी वड़िंग के नेतृत्व को कितनी बड़ी चुनौती दे पाती है।


Channi camp’s new move to oust Raja Warring; Pratap Singh Bajwa now takes charge




