
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े टैरिफ फैसलों के बीच भारतीय दवा उद्योग के लिए गुरुवार को एक बड़ी खुशखबरी आई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल समेत कई अमेरिकी रिपोर्ट्स में यह संकेत दिया गया है कि ट्रंप प्रशासन आयातित जेनेरिक दवाओं को अपने प्रस्तावित 100% टैरिफ के दायरे से बाहर रख सकता है। यह भारत के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा खरीदार है। इस खबर के बाद आज शेयर बाजार में फार्मा कंपनियों के शेयरों में भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।

दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए विदेशी फार्मा उत्पादों पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसे 1 अक्टूबर से लागू किया जाना था। हालांकि, इस घोषणा में जेनेरिक दवाओं का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं था, जिससे भारतीय दवा कंपनियों में भारी अनिश्चितता का माहौल था। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, महीनों की बहस के बाद अब ट्रंप प्रशासन ने अपना रुख नरम कर लिया है और जेनेरिक दवाओं पर शुल्क लगाने की योजना नहीं बना रहा है। फिलहाल, अधिकारियों और दवा कंपनियों के बीच आगे की बातचीत के लिए इस टैरिफ को टाल दिया गया है।
यह खबर भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कुल जेनेरिक दवा निर्यात का 40% से अधिक हिस्सा अकेले अमेरिका को जाता है। अगर यह टैरिफ लागू हो जाता तो भारतीय कंपनियों को अरबों डॉलर का नुकसान होता। अमेरिका अपनी जेनेरिक दवाओं की जरूरतों के लिए भारत और चीन पर बहुत अधिक निर्भर है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की बात करते रहे हैं, ऐसे में इस फैसले से भारतीय कंपनियों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा भी मिल सकता है।
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Big relief for the Indian pharma sector








