जालंधर: पंजाब सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने इस साल पाकिस्तान प्रायोजित नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नशीले पदार्थों और हथियारों की रिकॉर्ड जब्ती दर्ज की है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, BSF ने इस वर्ष अब तक सीमा पार से तस्करी कर लाई गई 850 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की है। यह आंकड़ा साल 2025 में बरामद की गई 415 किलोग्राम हेरोइन की तुलना में दोगुने से भी अधिक है, जबकि साल 2024 (283 किग्रा) के मुकाबले यह जब्ती लगभग तीन गुना तक पहुंच चुकी है।
सख्त निगरानी के बावजूद ड्रोन बने तस्करी का मुख्य जरिया
सुरक्षा बलों द्वारा एंटी-ड्रोन तकनीक को लगातार उन्नत करने के बावजूद सीमा पार बैठे तस्करों के लिए मानवरहित हवाई वाहन (UAV यानी ड्रोन) अब भी तस्करी का पसंदीदा माध्यम बने हुए हैं। इस साल सितंबर के अंत तक सुरक्षा एजेंसियों ने 182 पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए या बरामद किए हैं, जबकि पिछले दो वर्षों (2024 और 2025) में यह आंकड़ा लगभग 290 ड्रोन प्रति वर्ष का रहा था।
हेरोइन के साथ-साथ ‘आइस’ और अफीम की जब्ती भी बढ़ी
BSF द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, केवल हेरोइन ही नहीं बल्कि अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी में भी तेजी देखी गई है। इस वर्ष बल ने लगभग 14 किलोग्राम आइस (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) और 44 किलोग्राम अफीम बरामद की है। तुलनात्मक रूप से देखें तो साल 2024 में जहां केवल 1.4 किग्रा आइस पकड़ी गई थी, वहीं 2025 में 21 किग्रा जब्त हुई थी। इसी तरह अफीम की बरामदगी में भारी उछाल आया है, जो 2024 में 16 किग्रा और 2025 में 12 किग्रा से बढ़कर इस साल 44 किलोग्राम पर पहुंच गई है।
अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी में उछाल, आतंक-गैंगस्टर गठजोड़ को भेजी जा रही थीं खेपें
एक अन्य बेहद चिंताजनक रुझान परिष्कृत और घातक हथियारों की तस्करी का लगातार बढ़ना है। BSF ने इस वर्ष सीमावर्ती क्षेत्रों से असाल्ट राइफलों सहित कुल 261 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं, जो 2025 में करीब 200 और 2024 में महज 36 थे। मैगजीन की बरामदगी भी तेजी से बढ़कर इस साल 390 तक पहुंच गई है, जो 2025 में 286 और 2024 में मात्र 47 थी। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ये हथियार और कारतूस सीधे तौर पर पंजाब और अन्य राज्यों में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल, कुख्यात गैंगस्टर सिंडिकेट और आपराधिक गिरोहों के लिए भेजे जा रहे थे।
सीमा से 8 किमी भीतर तक निगरानी, विलेज डिफेंस कमेटियों से मजबूत हुआ नेटवर्क
BSF पंजाब फ्रंटियर के आईजी (IG) अतुल फुलझेले ने बताया कि सीमा पार बैठे तस्करी नेटवर्कों ने सुरक्षा एजेंसियों के दबाव के चलते अपनी रणनीति में बदलाव किया है, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी अपनी कार्रवाई को नए सिरे से तैयार किया है।
आईजी फुलझेले ने कहा, “हमने बॉर्डर बेल्ट में खुफिया इनपुट आधारित संयुक्त ऑपरेशनों को तेज करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से 5 से 8 किलोमीटर अंदर तक निगरानी और प्रवर्तन का दायरा बढ़ाया है। काउंटर-ड्रोन क्षमताओं को और मजबूत किया गया है, पंजाब पुलिस ने भी एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं और विलेज डिफेंस कमेटियों (VDC) की मदद से ग्राउंड ह्यूमन इंटेलिजेंस को सक्रिय किया गया है।” उन्होंने जोड़ा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और पंजाब पुलिस के साथ बेहतर तालमेल से तस्करों की कमर तोड़ी जा रही है।
अमृतसर और तरनतारन अब भी हॉटस्पॉट, फिरोजपुर में भी बढ़ा दबाव
आईजी फुलझेले के अनुसार, बरामदगी के पैटर्न से साफ होता है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) समर्थित नार्को-टेरर गिरोहों के लिए अमृतसर और तरनतारन सेक्टर अब भी प्राथमिक घुसपैठ कॉरिडोर बने हुए हैं। हालांकि, हाल के महीनों में फिरोजपुर सेक्टर में भी बड़ी बरामदगियों में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां पैनी नजर बनाए हुए हैं।


Massive surge in the smuggling of narcotics and weapons from Pakistan across the Punjab border; BSF seizes 850 kg of heroin




