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पंजाब के युवक को सऊदी अरब में मिली मौत की सजा, नशीले पदार्थ के मामले में आया फैसला, रो-रोकर मां बोली- इकलौते बेटे को बचा लो सरकार

नंगल: रोजी-रोटी कमाने के सिलसिले में विदेश गए पंजाब के एक और होनहार युवक की जिंदगी पर विदेशी जमीन पर मौत का साया मंडराने लगा है। नंगल के नजदीकी गांव पत्ती लोअर निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ बब्बी को सऊदी अरब में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में अदालत ने मौत की सजा सुना दी है। जैसे ही इस फैसले की सूचना परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम का माहौल छा गया। अपने इकलौते बेटे की जान बचाने के लिए बेबस बुजुर्ग मां और परिजनों ने केंद्र सरकार व पंजाब सरकार से राजनयिक स्तर पर तुरंत हस्तक्षेप कर गुरप्रीत की सजा माफ करवाने और उसे सकुशल वतन वापस लाने की गुहार लगाई है।

भारतीय दूतावास के पत्र से हुआ खुलासा, 2 साल से जेल में था बंद
परिजनों के अनुसार गुरप्रीत सिंह को मिले मृत्युदंड की आधिकारिक जानकारी नंगल के तहसीलदार के जरिए परिवार तक पहुंचाई गई। इससे पहले 24 सितंबर को रूपनगर (रोपड़) के उपायुक्त को मस्कट स्थित भारतीय दूतावास की ओर से एक आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें गुरप्रीत को सऊदी अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा का ब्योरा दर्ज था। दिवंगत जरनैल सिंह का बेटा गुरप्रीत करीब चार साल पहले घर की माली हालत सुधारने के लिए मस्कट गया था। वह वहां ट्रक चालक के तौर पर काम करता था और माल ढुलाई के सिलसिले में अक्सर मस्कट से सऊदी अरब आया-जाया करता था। करीब दो साल पहले सऊदी अरब की सीमा में उसके ट्रक से कथित रूप से नशीले पदार्थ बरामद होने का दावा कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद वह पिछले दो वर्षों से वहां की जेल में बंद था।

परिवार ने बताया बेकसूर, बोले- साजिश के तहत फंसाया गया
गुरप्रीत की बुजुर्ग मां जसवंत कौर और ग्रामीणों का कहना है कि गुरप्रीत पूरी तरह निर्दोष है और उसे किसी बड़ी साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है। मां जसवंत कौर ने रोते हुए बताया कि गुरप्रीत उनका इकलौता बेटा और पूरे घर का अकेला सहारा है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से हाथ जोड़कर भावुक अपील की है कि वे विदेश मंत्रालय के जरिए सऊदी अरब के शीर्ष अधिकारियों के समक्ष यह मामला उठाएं, ताकि उनके निर्दोष बेटे की मौत की सजा को कम या माफ करवाया जा सके। गांव की सरपंच मोनिका देवी ने भी समूचे ग्रामवासियों की ओर से सरकार से त्वरित कूटनीतिक दखल देने की मांग की है।

कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने दिया भरोसा, केंद्र सरकार के सामने रखेंगे दया याचिका
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सरकारी व कानूनी मदद का पूरा भरोसा दिया है। मंत्री बैंस ने स्पष्ट किया कि वह गुरप्रीत सिंह की जान बचाने के लिए मर्सी पिटीशन (दया याचिका) का मसौदा तुरंत भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के माध्यम से सऊदी अरब के शाही प्रशासन के साथ राजनयिक स्तर पर बातचीत की जाएगी ताकि कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करते हुए गुरप्रीत की सजा माफ कराई जा सके और उसे सुरक्षित भारत वापस लाया जा सके।

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