खनौरी: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में खनौरी बॉर्डर पर आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। किसानों के उग्र तेवर और अर्धनग्न होकर दिल्ली की तरफ कूच करने की भारी चेतावनी के बाद आखिरकार प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में बीच का रास्ता निकालते हुए केंद्र सरकार की ओर से किसानों को बातचीत की मेज पर आने का न्योता भेजा गया है। केंद्र से यह अहम बुलावा आते ही किसानों ने भी राहत की सांस ली है और बॉर्डर पर लगाया गया अपना पक्का मोर्चा फिलहाल के लिए समाप्त कर दिया है।
डीसी से दो दौर की वार्ता रही थी बेनतीजा
गौरतलब है कि महज तीन दिन पहले पंजाब से 55 किसानों का एक जत्था अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। लेकिन, हरियाणा पुलिस ने सख्त पहरा देते हुए इन सभी को खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर ही रोक लिया। टकराव की स्थिति से बचने के लिए किसानों और जींद की डीसी वैशाली शर्मा के बीच लगातार दो बार लंबी बातचीत हुई। हालांकि, इन दोनों ही बैठकों से कोई भी ठोस हल नहीं निकल सका। अधिकारियों से निराशा हाथ लगने के बाद किसानों ने पंजाब की तरफ वाले हिस्से में पक्का मोर्चा लगाकर धरने पर बैठने का सख्त ऐलान कर दिया था।
4 सितंबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ होगी सीधी बात
लगातार बढ़ते गतिरोध और किसानों की अर्धनग्न होकर बैरिकेड्स पार करने की चेतावनी ने प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया। इसी का नतीजा है कि अब आगामी 4 सितंबर को किसानों और केंद्र सरकार के बीच एक निर्णायक वार्ता तय कराई गई है। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे, जो भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी किसानों की चिंताओं और आपत्तियों पर सीधे चर्चा करेंगे। हालांकि, इस बड़ी बैठक के लिए अभी स्थान तय होना बाकी है, लेकिन सरकार के इस सकारात्मक कदम से बॉर्डर पर कई दिनों से चला आ रहा तनाव खत्म हो गया है।


Farmers were set to march to Delhi in a semi-naked state when a summons arrived from the Central Government




