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जालंधर के गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी की शर्मनाक करतूत, बैग से मिली बीड़ी-सिगरेट और अश्लील वीडियो वाली पेन ड्राइव

पूछताछ में कबूला गुनाह, लिखित में मांगी माफी; अब कभी नहीं करेगा ग्रंथी की ड्यूटी

जालंधर: जालंधर से एक ऐसी शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। आस्था और पवित्रता के केंद्र ‘गुरुद्वारा साहिब’ में सेवा करने वाले एक ग्रंथी को ही मर्यादा तार-तार करते हुए पकड़ा गया है। गुरुद्वारे की पवित्र सीमा के अंदर बीड़ी पीने वाले इस ग्रंथी के बैग से जो आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है, उसे देखकर हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई है। इस खुलासे के बाद से पूरी संगत में भारी रोष और आक्रोश का माहौल है।

बैग की तलाशी में खुला काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा

जानकारी के मुताबिक, जालंधर के एक गुरुद्वारे में जब ग्रंथी की संदिग्ध गतिविधियों पर कमेटी को शक हुआ, तो उसके बैग की अचानक तलाशी ली गई। इस तलाशी के दौरान पवित्र स्थान पर जो चीजें मिलीं, वह बेहद हैरान करने वाली थीं। ग्रंथी के बैग से बीड़ी का बंडल, सिगरेट, तंबाकू और नशीले कैप्सूल बरामद हुए। इस शर्मनाक हरकत के बाद उसे गुरुद्वारे के अंदर ही फर्श पर बैठाकर सख्ती से पूछताछ की गई। इस पूरे घटनाक्रम और पूछताछ का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पूछताछ में कबूला गुनाह, पेन ड्राइव से निकले आपत्तिजनक वीडियो

संगत और गुरुद्वारा कमेटी के सामने ग्रंथी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने माना कि उसने गुरुद्वारा परिसर के अंदर ही बीड़ी पी थी। बात सिर्फ नशे तक ही सीमित नहीं थी; जब कमेटी ने उसके मोबाइल फोन और अन्य सामान की गहराई से जांच की, तो उसके पास से 7-8 पेन ड्राइव भी मिलीं। खुद ग्रंथी ने इस बात का खुलासा किया कि इनमें से कुछ पेन ड्राइव में तो गुरबाणी और धार्मिक गीत थे, लेकिन बाकी पेन ड्राइव में बेहद आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो भरे हुए थे।

लिखित में मांगी माफी, अब कभी नहीं करेगा ग्रंथी की ड्यूटी

इस आरोपी ग्रंथी की पहचान पटियाला जिले के राजपुरा निवासी कृपाल सिंह के रूप में हुई है। इतनी बड़ी बेअदबी सामने आने के बाद कमेटी ने उसे अपनी गलती लिखित में मानने को कहा। कृपाल सिंह ने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से एक कागज पर अपना गुनाह लिखकर दिया। इसके साथ ही उसने यह भी लिखित में वादा किया है कि वह भविष्य में कभी भी किसी गुरुद्वारे में ग्रंथी के रूप में ड्यूटी नहीं करेगा। इस चौंकाने वाली घटना के बाद से लगातार यह मांग उठ रही है कि गुरुद्वारों में सेवादारों की नियुक्ति से पहले उनके पूरे बैकग्राउंड की सख्ती से जांच होनी चाहिए।

Shameful act by a Granthi at a Jalandhar Gurudwara; bidis, cigarettes, and a pen drive containing obscene videos