पटियाला: पटियाला जिले के नाभा इलाके के गांव भोड़े में एक 14 साल का मासूम बच्चा अपनी दादी की आंखों के सामने ही साइकिल रेहड़ी समेत गहरी नहर में जा गिरा। इस खौफनाक हादसे ने पूरे गांव को सन्न कर दिया है। घर के इकलौते चिराग के इस तरह नहर में डूबने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की मदद से मासूम को बचाने की जद्दोजहद लगातार जारी है।
हरा चारा लाने जाते वक्त हुआ हृदयविदारक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना उस वक्त घटी जब मासूम बच्चा अपनी दादी के साथ खेतों की ओर जा रहा था। वह घर के जानवरों के लिए हरा चारा लाने के मकसद से अपनी साइकिल रेहड़ी लेकर निकला था। रास्ते में नहर के किनारे से गुजरते समय अचानक साइकिल रेहड़ी का संतुलन बिगड़ गया और बच्चा सीधे नहर के गहरे पानी में जा गिरा। दादी के सामने पलक झपकते ही यह खौफनाक हादसा हो गया और वह बेबस होकर अपने पोते को पानी में समाते देखती रह गईं।
गांव में कराई गई मुनादी, किनारे पर उमड़ी भारी भीड़
हादसे की सूचना जैसे ही गांव वालों को मिली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों को इकट्ठा करने के लिए गांव में तुरंत अनाउंसमेंट (मुनादी) करवाई गई। इसके चंद मिनटों के भीतर ही भारी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग दौड़कर नहर के किनारे पहुंच गए। हर कोई मासूम को बचाने की फिराक में था, लेकिन पानी का बहाव और गहराई ज्यादा होने के कारण ग्रामीण सीधे तौर पर कुछ भी कर पाने में बेबस नजर आए।
नहर में उतरी गोताखोरों की टीम, इलाके में पसरा मातम
घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गोताखोरों की विशेष टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई और नहर में बच्चे की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह 14 वर्षीय बच्चा अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। गोताखोर लगातार पानी की गहराई नापकर बच्चे को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई नहर के किनारे नम आंखों से मासूम के मिलने की आस लगाए बैठा है।


In Punjab, the family’s only son—the light of their lives—vanished into a canal right before his grandmother’s eyes




