You are currently viewing सावधान! पंजाब में दूध-पनीर के नाम पर परोसा जा रहा कैंसर, 15 फीसदी खाने के सैंपल फेल

सावधान! पंजाब में दूध-पनीर के नाम पर परोसा जा रहा कैंसर, 15 फीसदी खाने के सैंपल फेल

चंडीगढ़: अगर आप भी बाजार से बड़े चाव से दूध, पनीर और मिठाइयां खरीदकर खा रहे हैं, तो जरा सावधान हो जाइए। पंजाब में लोगों की सेहत के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हो रहा है और आपकी थाली में खाने के नाम पर धीमा जहर परोसा जा रहा है। राज्य में खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर मिलावटखोरी का सनसनीखेज खेल चल रहा है। इस बात का खुलासा खुद स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट में हुआ है, जिसे संसद के मानसून सत्र के दौरान पेश किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में लिए गए खाने-पीने की चीजों के 15 फीसदी सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि डेयरी उत्पादों में केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर कैंसर जैसी घातक बीमारियों को न्योता दे रहा है।

दो साल में 1700 से ज्यादा सैंपल फेल

रिपोर्ट के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि तमाम सख्ती और लगातार जारी छापेमारी के बावजूद भी प्रदेश में मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य में खाद्य पदार्थों के 11,940 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 1,779 सैंपल जांच के दौरान मानकों पर बिल्कुल खरे नहीं उतरे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ही स्वास्थ्य विभाग ने 7,809 सैंपल लिए, जिनमें से 1,031 सैंपल खाने योग्य नहीं पाए गए। इसके बाद सरकार ने सख्ती दिखाते हुए 723 मामलों में भारी जुर्माना लगाया, जबकि 25 मामलों में अदालत ने दोषियों को सजा भी सुनाई है। इसी तरह वर्ष 2024-25 के दौरान भी 4,131 सैंपलों में से 748 सैंपल फेल हुए थे, जिसमें 333 मामलों में जुर्माना और 8 मामलों में अदालत से सजा हुई थी। सरकार का दावा है कि मिलावट का नेटवर्क तोड़ने के लिए अब टेस्टिंग का दायरा कई गुना बढ़ा दिया गया है।

दूसरे राज्यों से आ रहा घटिया पनीर, धीमे जहर से कैंसर का भारी खतरा

स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि सबसे ज्यादा मिलावट दूध, पनीर, देसी घी, मिठाइयों, सरसों के तेल, मसालों और बेकरी उत्पादों (बिस्कुट-नमकीन) में हो रही है। खासकर पंजाब में दूसरे राज्यों से बड़ी मात्रा में घटिया और सिंथेटिक पनीर की सप्लाई हो रही है। इस नकली पनीर और दूध को तैयार करने के लिए खतरनाक रसायनों (केमिकल्स) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो शरीर के अंगों को सड़ाने और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बन रहे हैं। केंद्र सरकार ने अब पंजाब सहित सभी राज्यों को सैंपलिंग और छापेमारी तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों की जान से खेलने वाले इन सफेदपोश अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ से रखी जा रही नजर

मिलावटखोरी पर नकेल कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ यानी मोबाइल टेस्टिंग वैन के जरिए लगातार बाजारों और दुकानों पर अचानक जांच कर रहा है। इन अत्याधुनिक वैन में दूध, पनीर, पानी और रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों में मिलावट को तुरंत पकड़ने की सुविधा मौजूद है। आम नागरिक भी इस वैन के जरिए अपने घरों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की तुरंत जांच करवा सकते हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) और स्थानीय टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं। वहीं, इस मामले में पड़ोसी राज्य हरियाणा का हाल भी बेहद चिंताजनक है। हरियाणा में भी वर्ष 2025-26 के दौरान लिए गए 2,335 सैंपलों में से 723 सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं, जिसके बाद वहां भी 1,424 मामलों में जुर्माना और 116 दोषियों को सजा सुनाई गई है।

Warning! Cancer being served in the guise of milk and paneer in Punjab; 15% of food samples fail tests.