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कांग्रेस का क्लेश: राजा वड़िंग के खिलाफ बगावत, चन्नी के हक में राणा गुरजीत सिंह के घर भूपेश बघेल के साथ बैठक, जुटेंगे नाराज दिग्गज, प्रदेश अध्यक्ष को रखा बाहर

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PPCC Chief) अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने के सख्त खिलाफ हैं, अब तक आलाकमान की बैठकों से दूरी बनाए हुए थे। लेकिन अब खबर है कि वह पंजाब मामलों के प्रभारी और एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल के साथ होने वाली नाराज नेताओं की बेहद अहम बैठक में शामिल होंगे। दिलचस्प बात यह है कि इन असंतुष्ट नेताओं ने बघेल से मिलने के लिए एक बड़ी शर्त रखी थी कि इस पूरी बातचीत और बैठक से राजा वड़िंग को पूरी तरह बाहर रखा जाए।

राजा वड़िंग ने खुद बनाई दूरी, बोले- मेरे खिलाफ ही तो होनी है बात

जब से भूपेश बघेल चंडीगढ़ पहुंचे हैं, तभी से प्रताप सिंह बाजवा ने उनके स्वागत के बाद से वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के गुटों की बैठकों से दूरी बना रखी थी। यहां तक कि उन्होंने वड़िंग के समर्थकों द्वारा दिए गए रात्रिभोज में भी हिस्सा नहीं लिया। इस बैठक में शामिल होने की पुष्टि करते हुए बाजवा ने कहा कि उन्होंने सभी नेताओं से अपने मुद्दों को बघेल के सामने पार्टी मंच पर उठाने का आग्रह किया है क्योंकि वह सीधे हाईकमान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी तरफ, खुद राजा वड़िंग ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भूपेश जी चन्नी साहब से अकेले मिलेंगे और उन्हें लगता है कि उनका वहां जाना ठीक नहीं है क्योंकि वहां उनके खिलाफ ही चर्चा हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि वे मेरे बिना ही बैठक करें।

राणा गुरजीत के घर सजेगा असंतुष्टों का मंच

यह हाई-प्रोफाइल बैठक कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह के चंडीगढ़ स्थित आवास पर होने जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में लिखा कि वे पंजाब के हितों के लिए एकजुट हैं और कार्यकर्ताओं व पंजाब की जनता की भावनाओं को प्रभारी के सामने रखेंगे। पहले इस बैठक में पिछले विधानसभा चुनाव लड़ने वाले 78 से अधिक नेताओं के शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बघेल ने इस संख्या को सीमित कर लगभग 50 कर दिया है और केवल 5 या 6 प्रमुख नेताओं को ही बोलने की अनुमति दी जाएगी।

शक्ति प्रदर्शन और वड़िंग को हटाने का मास्टरप्लान

पार्टी के भीतर इस कदम को असंतुष्ट नेताओं द्वारा किए जा रहे एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि यदि 78 से अधिक नेता बघेल के सामने मौजूद रहते और वड़िंग के खिलाफ बोलते, तो यह सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ एक स्पष्ट जनादेश की तरह दिखता। संख्या बल को कम करके आलाकमान ने असंतुष्ट गुट को एकतरफा हावी होने से रोकने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नाराज नेताओं की राहुल गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ अगली मुलाकात का रास्ता साफ हो जाएगा।

Rebellion within Punjab Congress against Raja Warring; disgruntled stalwarts to gather at Bhupesh Baghel