जालंधर: पंजाब में धान की बुवाई के अहम सीजन के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने किसानों का गुस्सा भड़का दिया है। जालंधर में दोआबा किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कार्यालय पर हल्ला बोल दिया। बिजली संकट और इससे हो रही भारी परेशानियों के विरोध में किसानों ने पावरकॉम दफ्तर का घेराव किया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसानों का स्पष्ट कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
बुवाई के समय खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी, हो रहा भारी नुकसान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं ने बताया कि इस समय धान की बुवाई का काम जोरों पर है और खेतों को पानी की सख्त जरूरत है। लेकिन, पावरकॉम की तरफ से लगातार लगाए जा रहे लंबे बिजली कटों के कारण ट्यूबल नहीं चल पा रहे हैं और खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। बिजली की इस आंख-मिचौली के कारण न सिर्फ बुवाई पिछड़ रही है, बल्कि कृषि से जुड़े अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक तौर पर भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
धरने पर बैठते ही आ गई बिजली, किसानों ने उठाए सरकार की नीयत पर सवाल
प्रदर्शनकारी किसानों ने पंजाब सरकार के उस दावे की भी हवा निकाल दी जिसमें राज्य में कभी बिजली कटौती न होने (जीरो पावर कट) का ढिंढोरा पीटा गया था। किसानों ने आरोप लगाया कि आम दिनों में उन्हें भारी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जैसे ही उन्होंने पावरकॉम दफ्तर के बाहर धरना शुरू किया, वैसे ही अचानक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। कमेटी ने सरकार और बिजली विभाग को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति का कोई ठोस और स्थायी प्रबंधन नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में किसान पूरे राज्य में एक बड़ा और उग्र संघर्ष शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


Punjab government’s ‘zero-cut’ claims exposed; farmers, enraged by power outages during the paddy season








